आगर-मालवा। संत शिरोमणि गुरु श्री रविदास जी महाराज की जयंती के उपलक्ष्य में आगर-मालवा जिला मुख्यालय से 20 अगस्त को प्रारंभ हुई कलश वंदन यात्रा एवं समरसता संकल्प अभियान निरंतर जारी है। अभियान के तहत यात्रा जिले के विभिन्न गांवों में पहुंचकर संत रविदास जी के समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचा रही है।
जिला संयोजक जनजाति कार्य शेखर उइके ने बताया कि समरसता संकल्प अभियान के तहत आगर, नलखेड़ा एवं सुसनेर तहसीलों के विभिन्न गांवों का भ्रमण करने के बाद शनिवार को कलश वंदन यात्रा बड़ौद तहसील के नानादेहरिया, पिपलियाचाचा, रणायरा, केलवा, खजूरी सोंधिया एवं बिजनगरी पहुंची। यात्रा का रात्रि विश्राम ग्राम बिजनगरी में रहेगा।
उन्होंने बताया कि रविवार, 6 सितंबर 2026 को यात्रा बड़ौद तहसील के जोगिबर्डिया, टोकड़ा, रामनगर, बड़ौद, कड़वाला, मदकोटा और सुदवास सहित अन्य गांवों का भ्रमण करेगी।
गांव-गांव हो रहा पावन माटी का पूजन-
समरसता संकल्प अभियान के दौरान संत रविदास जी की जन्मस्थली सिर गोवर्धनपुर, वाराणसी की पावन माटी को गांव-गांव ले जाकर पूजन किया जा रहा है। साथ ही विभिन्न गांवों में नुक्कड़ सभाओं का आयोजन कर संत रविदास जी के विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश को लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
आयोजन का उद्देश्य संत रविदास जी के समानता, सामाजिक सद्भाव और समरसता के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है। यात्रा के गांवों में पहुंचने पर ग्रामीणों द्वारा उत्साहपूर्वक स्वागत किया जा रहा है।
जनप्रतिनिधि और ग्रामीण रहे मौजूद-
इस अवसर पर यात्रा के जिला प्रभारी डॉ. भवानी शंकर वर्मा, मेहरबान सिंह सिसोदिया, कमल सिंह केसरिया, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष राधे ठाकुर, सरपंच प्रधान सिंह केसरिया, कपिल सिंह, गुमान सिंह, तूफान सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।