झाबुआ। मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र से उत्पन्न जल एवं वायु प्रदूषण की समस्या तथा उसके प्रभावी समाधान को लेकर कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट एवं पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेघनगर नगरीय क्षेत्र के साथ प्रदूषण से प्रभावित ग्राम पंचायतों अंतरवेलिया, बेड़ावली, फतेहपुरा, झायड़ा सहित अन्य क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में औद्योगिक प्रदूषण के कारण नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पन्न हो रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रभावित क्षेत्रों में जल, वायु, स्वास्थ्य, कृषि एवं पशुधन पर पड़ रहे संभावित प्रभावों की जानकारी ली गई। इनके स्थायी समाधान के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से कार्ययोजना तैयार करने पर भी चर्चा हुई।
प्रशासन, पुलिस और स्थानीय प्रतिनिधियों की संयुक्त समिति बनेगी-
कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने प्रदूषण की समस्या के नियमित अनुश्रवण एवं समाधान के लिए प्रभावित क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों, स्थानीय प्रतिनिधियों, प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित करने के निर्देश दिए। समिति की प्रत्येक माह बैठक आयोजित कर प्रदूषण नियंत्रण के लिए की गई कार्रवाई, प्राप्त शिकायतों एवं उनके समाधान की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित महत्वपूर्ण कार्रवाई एवं प्रस्तावित कार्ययोजना की जानकारी स्थानीय समिति को नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए।
चार औद्योगिक इकाइयों को तत्काल सील करने के निर्देश-
बैठक में मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधियों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान मध्यभारत इंडस्ट्री, राठौर इंडस्ट्री, सिद्धिविनायक इंडस्ट्री एवं शीतल इंडस्ट्री में निर्धारित मापदंडों के पालन में अनियमितताएं पाई गई हैं।
इस पर कलेक्टर ने संबंधित नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई करते हुए चारों औद्योगिक इकाइयों को तत्काल सील करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को औद्योगिक इकाइयों की नियमित जांच एवं निगरानी करने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म एक्शन प्लान तैयार होगा-
कलेक्टर ने कहा कि मेघनगर क्षेत्र में प्रदूषण की समस्या के स्थायी समाधान के लिए केवल तात्कालिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके लिए शॉर्ट टर्म एवं लॉन्ग टर्म एक्शन प्लान तैयार किया जाए। अल्पकालीन योजना में तत्काल राहत एवं प्रदूषण नियंत्रण के उपाय शामिल किए जाएं, जबकि दीर्घकालीन योजना में जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण, अपशिष्ट प्रबंधन, सुरक्षित पेयजल एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित स्थायी व्यवस्थाएं विकसित की जाएं।
स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकता-
कलेक्टर ने प्रभावित नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने ए.के.वी.एन., नगरीय प्रशासन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं ग्रामीण विकास विभाग को आपसी समन्वय से प्रभावित क्षेत्रों का आकलन कर आवश्यक परियोजना एवं कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में जल प्रदूषण की आशंका है, वहां जल स्रोतों एवं पेयजल की नियमित जांच कराई जाए। आवश्यकता के अनुसार वैकल्पिक एवं सुरक्षित पेयजल व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य परीक्षण और कृषि सर्वे
प्रदूषण के मानव स्वास्थ्य पर संभावित प्रभाव को देखते हुए कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। नागरिकों की आवश्यक जांच कर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
कृषि विभाग को प्रदूषण के कारण फसलों एवं कृषि भूमि पर पड़ रहे संभावित प्रभाव का विस्तृत सर्वे करने के निर्देश दिए गए। सर्वे के आधार पर प्रभावित कृषि क्षेत्र एवं फसलों की स्थिति का आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
पशुधन पर प्रभाव की भी होगी जांच-
कलेक्टर ने पशुपालन विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में मवेशियों के स्वास्थ्य पर प्रदूषण के संभावित प्रभाव का परीक्षण करने के निर्देश दिए। पशुओं में बीमारी अथवा मृत्यु के प्रकरण सामने आने पर आवश्यकतानुसार पोस्टमार्टम एवं चिकित्सकीय परीक्षण कर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने कहा कि मेघनगर क्षेत्र में जल एवं वायु प्रदूषण की समस्या का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और प्रत्येक कार्रवाई का परिणाम मैदानी स्तर पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों से लगातार संवाद बनाए रखते हुए समस्या के त्वरित एवं स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जितेंद्र सिंह चौहान, अपर कलेक्टर सी.एस. सोलंकी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मेघनगर अवनधती प्रधान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।