चित्तौड़गढ़। नगर परिषद की सबसे बड़ी आवासीय योजना महेशपुरम एवं आसपास की कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव से रहवासी परेशान हैं। क्षेत्र के मुख्य मार्गों सहित कॉलोनी की सड़कों पर पर्याप्त रोड लाइटें नहीं होने से रात के समय अंधेरा पसरा रहता है। वहीं सड़कों के आसपास उगी गाजर घास और घनी झाड़ियों के कारण आवागमन में परेशानी के साथ ही रहवासियों को बीमारियों और जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना हुआ है।
महेशपुरम क्षेत्र से भंडारिया रोड और सेगवा रोड की ओर जाने वाले मुख्य मार्गों की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। सेगवा मेन रोड से भंडारिया रोड जाने वाली सड़क, संविधान पार्क की ओर जाने वाले मार्ग सहित कॉलोनी की अन्य सड़कों पर न तो व्यवस्थित सड़क सुविधा है और न ही पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था।
करोड़ों की लागत से कम्युनिटी हॉल, लेकिन सड़क बदहाल
भंडारिया और सेगवा रोड के बीच स्थित महेशपुरम में नगर परिषद बोर्ड की ओर से भंडारिया रोड पर करीब 10 करोड़ रुपए की लागत से कम्युनिटी हॉल का निर्माण कराया गया है। लेकिन कम्युनिटी हॉल तक पहुंचने वाली भंडारिया रोड की हालत खराब होने से इसकी उपयोगिता पर भी सवाल उठ रहे हैं। रहवासियों का कहना है कि करोड़ों रुपए के विकास कार्यों के बावजूद मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है।
झाड़ियों से बढ़ा खतरा
कॉलोनी के मुख्य मार्गों और खाली स्थानों पर गाजर घास तथा बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। इससे रास्ते संकरे होने के साथ ही मच्छर, कीड़े-मकौड़े और जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना हुआ है। रात में रोड लाइट नहीं होने के कारण स्थिति और भी परेशानी वाली हो जाती है।
विकास के दावों के बीच उठ रहे सवाल
नगर परिषद चुनाव के माहौल में राजनीतिक दल शहर के विकास और बेहतर सुविधाओं के दावे कर रहे हैं। ऐसे में महेशपुरम जैसे बड़े आवासीय क्षेत्र में सड़क, रोशनी और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव राजनीतिक दलों और पार्षद प्रतिनिधियों के विकास के दावों पर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि चुनावी वादों के बीच महेशपुरम के रहवासियों की समस्याओं का समाधान कब तक होता है।