नीमच। नीमच नगर पालिका परिषद के विशेष सम्मेलन में सोमवार को रखे गए सभी 28 प्रस्ताव बहुमत से पारित किए गए। इनमें करीब 40 साल बाद आवासीय एवं व्यावसायिक कॉलोनी विकसित करने का प्रस्ताव प्रमुख रहा। इसके अलावा प्रमुख सड़कों के डामरीकरण एवं सीसी रोड, नगर वन, भूमिगत विद्युत लाइन, सोलर परियोजना, टाउन हॉल जीर्णाेद्धार, स्टाफ क्वार्टर तथा प्रधानमंत्री आवास में फायर सेफ्टी सिस्टम सहित विभिन्न विकास कार्यों को मंजूरी दी गई।
नगरपालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने आवासीय एवं व्यावसायिक कॉलोनी विकसित होने से नगरपालिका को करोड़ों रुपये की आय होने की उम्मीद जताई। इससे लोगों को आवास एवं व्यवसाय के लिए जमीन उपलब्ध होने के साथ नगरपालिका की भूमि के नियोजित उपयोग का रास्ता भी खुलेगा।
जाजू सागर बांध को पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित करने की तैयारी
सम्मेलन में जाजू सागर बांध को पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित करने के लिए करीब 53 लाख रुपये के कार्य प्रस्तावित किए गए। इसके अलावा शहर के प्रमुख मार्गों के विकास को लेकर भी निर्णय लिए गए।
सीआरपीएफ रोड, विजय टॉकीज रोड, फव्वारा चौक और मेसी शोरूम चौराहे सहित प्रमुख मार्गों के डामरीकरण एवं अन्य विकास कार्यों पर चर्चा हुई। वहीं टैगोर मार्ग पर भूमिगत विद्युत लाइन डालने की योजना को भी मंजूरी दी गई।
प्रधानमंत्री आवास में 3.23 करोड़ की फायर सेफ्टी व्यवस्था
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भवनों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 3.23 करोड़ रुपये की फायर सेफ्टी व्यवस्था का प्रस्ताव भी पारित किया गया। इसके साथ ही नगर वन, सोलर परियोजना, टाउन हॉल जीर्णाेद्धार और स्टाफ क्वार्टर से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली।
विपक्ष ने उठाए पानी, अतिक्रमण और अधूरे कार्यों के मुद्दे
सम्मेलन के दौरान विपक्षी पार्षदों ने विकास योजनाओं के साथ शहर की रोजमर्रा की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। पार्षदों ने दूषित पानी, अनियमित एवं अपर्याप्त जलापूर्ति, पेंशन, ठेकेदारों द्वारा छोड़े गए अधूरे कार्य, आवारा पशु एवं कुत्तों की समस्या तथा नगरपालिका की जमीन पर अतिक्रमण जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए। अधूरे कार्यों को लेकर ठेकेदार को अंतिम नोटिस देने और आवश्यक कार्रवाई के बाद नया टेंडर बुलाने की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी सीएमओ द्वारा दी गई।
नई गुमटियों के अतिक्रमण पर सख्ती के निर्देश-
शहर में नई गुमटियों के माध्यम से किए जा रहे अतिक्रमण को लेकर भी सख्ती के निर्देश दिए गए। परिषद में इस बात पर जोर दिया गया कि विकास कार्यों के साथ सार्वजनिक एवं नगरपालिका की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त रखने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए।
कुल मिलाकर विशेष सम्मेलन में शहर के दीर्घकालीन विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी मिली। हालांकि इन योजनाओं को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारने के साथ पेयजल, अतिक्रमण, अधूरे निर्माण कार्य और अन्य नागरिक समस्याओं का स्थायी समाधान करना नगरपालिका के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है।