नीमच। विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर मंगलवार, 8 सितंबर को जिला चिकित्सालय नीमच में निःशुल्क फिजियोथेरेपी स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित फिजियोथेरेपी यूनिट में आयोजित यह शिविर प्रातः 9 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा।
शिविर में बुजुर्गों के साथ-साथ कमर एवं गर्दन दर्द, जोड़ों के दर्द, स्लिप डिस्क/पीआईवीडी, लकवा, खेल चोटों सहित अन्य मस्क्युलोस्केलेटल समस्याओं से पीड़ित लोगों को निःशुल्क परामर्श एवं शारीरिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
शिविर के दौरान बुजुर्गों को गिरने से बचाव, शरीर का संतुलन बनाए रखने, मांसपेशियों को मजबूत करने, कमर एवं गर्दन दर्द में उपयोगी घरेलू व्यायाम तथा स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में मार्गदर्शन दिया जाएगा। साथ ही नियमित शारीरिक गतिविधियों के माध्यम से हृदय स्वास्थ्य बेहतर बनाए रखने तथा हृदय रोग एवं स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में व्यायाम की भूमिका के प्रति आमजन को जागरूक किया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, फिजियोथेरेपी केवल चोट या ऑपरेशन के बाद किया जाने वाला उपचार नहीं है, बल्कि यह दर्द कम करने के साथ-साथ शारीरिक क्षमता, गतिशीलता, संतुलन और दैनिक कार्यक्षमता में सुधार की वैज्ञानिक पद्धति है। उचित फिजियोथेरेपी, नियमित व्यायाम और जीवनशैली में आवश्यक बदलाव के माध्यम से कई शारीरिक समस्याओं में बिना ऑपरेशन के भी लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने बताया कि लंबे समय तक बैठे रहने, गलत पॉश्चर और शारीरिक निष्क्रियता के कारण कम उम्र में भी कमर दर्द, मोटापा और जीवनशैली से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में फिजियोथेरेपिस्ट की भूमिका केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि रोगों की रोकथाम और स्वास्थ्य संवर्धन में भी महत्वपूर्ण है।
सीएमएचओ डॉ. दिनेश प्रसाद, सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र पाटिल, आरएमओ डॉ. मनीष यादव तथा फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. मेघा कारवना एवं डॉ. हुसैन बेगुवाला ने आमजन से अपील की है कि लंबे समय से बने हुए दर्द को नजरअंदाज न करें और समय रहते योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ एवं फिजियोथेरेपिस्ट से परामर्श लें। उन्होंने नागरिकों से निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह किया है।