मंदसौर। जिला जेल में बंद 44 वर्षीय समरथ कुमावत की सोमवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। जेल स्टाफ उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर हार्ट अटैक की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
जेल अधीक्षक यशवंत कुमार मांझी ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 11.15 बजे समरथ को अचानक चक्कर आए और वे गिर पड़े। जेल स्टाफ ने तत्काल उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान दोपहर में उनकी मौत हो गई।
समरथ, कालूलाल कुमावत के पुत्र और लसुडावन गांव के निवासी थे। वे किसान थे। मारपीट के एक मामले में उन्हें 6 अगस्त को न्यायिक हिरासत में जिला जेल लाया गया था।
एक सप्ताह पहले परिजन मिलने पहुंचे थे-
परिजनों के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले वे जेल में समरथ से मिलने पहुंचे थे। उस समय उनकी तबीयत सामान्य थी और उन्होंने किसी तरह की परेशानी की जानकारी नहीं दी थी।
सोमवार को उनका बेटा श्रीराम उनसे मिलने जेल पहुंचा था। जेल में उसे बताया गया कि समरथ की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया है। श्रीराम ने इसकी जानकारी परिवार के अन्य सदस्यों को दी। इसके बाद परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें समरथ की मौत की जानकारी मिली।
मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम-
पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। न्यायिक हिरासत में मौत होने के कारण मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में दो डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा।