मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2026 के पहले दिन का पेपर अभ्यर्थियों ने मॉडरेट डिफिकल्टी लेवल का बताया। उनके मुताबिक प्रश्नपत्र न तो बहुत कठिन था और न ही बहुत आसान। पिछले साल की तुलना में इस बार पेपर कुछ सरल रहा, हालांकि कुछ सवाल ऐसे थे, जिनके बेहतर उत्तर के लिए विषय की गहरी जानकारी जरूरी थी।
50-60% अभ्यर्थियों का अटेंप्ट अच्छा
सतना के अभ्यर्थी संजू धाकड़ ने बताया कि पेपर में राज्यों की रैंकिंग समेत कई तथ्यों से जुड़े सवाल पूछे गए। प्राचीन इतिहास से पूछे जाने वाले सवालों का पैटर्न भी इस बार कुछ अलग रहा। संजू के मुताबिक पिछले साल के पेपर की तुलना में इस बार प्रश्नपत्र थोड़ा सरल लगा। पिछले पेपर में कुछ सवालों को लेकर कन्फ्यूजन था और कुछ प्रश्न हल करना भी मुश्किल रहा था।
उन्होंने बताया कि इस बार करीब 50 से 60% अभ्यर्थियों का अटेंप्ट अच्छा रहा होगा। ऐसे में पिछले साल की तुलना में कटऑफ थोड़ी बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कटऑफ 19-20 के आसपास जाने की संभावना जताई।
कुछ सवाल स्पेसिफिक, दो पेज लिखना चुनौती
अनूपपुर के परीक्षार्थी कमलेश कुमार बनावाल ने पेपर को पिछले साल के लगभग बराबर का बताया। उनके मुताबिक पेपर का स्तर एवरेज और मॉडरेट था। बहुत ज्यादा कठिन सवाल नहीं थे, लेकिन कुछ टॉपिक ऐसे थे, जिनके बारे में परीक्षार्थी को कम जानकारी थी।
ऐसे सवालों का दो पेज में उत्तर लिखना मुश्किल रहा। उन्होंने बताया कि जियोग्राफी में भी कुछ स्पेसिफिक सवाल पूछे गए।
जियोग्राफी में तथ्य आधारित सवाल
कमलेश ने बताया कि ज्वार की खेती से जुड़े सवाल में चार राज्यों के नाम पूछे गए थे। ऐसे सवालों के लिए विषय की अच्छी जानकारी होना जरूरी था।
समय पर्याप्त, ज्यादा लिखने वालों को परेशानी
अभ्यर्थियों ने बताया कि तीन घंटे का समय पेपर के लिए काफी था। हालांकि, ज्यादा लंबा जवाब लिखने वाले विद्यार्थियों को समय कम पड़ने लगा। पहले हिस्से में 5 से 10 मिनट ज्यादा लगने के बाद दूसरे हिस्से के लिए समय बचाना मुश्किल हुआ। कमलेश के मुताबिक कुल मिलाकर पेपर न बहुत आसान था और न बहुत कठिन।
उनके मुताबिक कटऑफ में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है। यह पिछले साल के आसपास ही रह सकती है।