मुरैना। पगारा डैम के सभी छह गेट पिछले तीन दिन पहले खुल गए, जिसके बाद से आसन नदी उफान पर आ गई। प्रशासन ने इसके तटीय ग्रामीण इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया था। इसके बावजूद कई लोग बाढ़ के पानी में फंस गए। जिन्हें निकाला जा रहा था। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के डोमपुरा पंचायत के डाबरीपुरा पर सिद्ध बाबा मंदिर के चारों तरफ पानी आ गया। जिससे यहां रहने वाला साधु नरसिंह दास मंदिर में ही फंस गए। जिसके बाद साधु नरसिंह दास के फंसने की सूचना पटवारी ने तहसीलदार मुरैना को दी। और तहसीलदार ने रेस्क्यू टीम को वोट लेकर साधु को निकालने के लिए भेजा। जहां टीम मंदिर पर पहुंच भी गई। इस बीच नरसिंह दास से बातचीत की और साथ चलने के लिए कहा, लेकिन साधु ने एसडीईआरएफ टीम से मंदिर छोड़कर जाने से मना कर दिया। इसके बाद टीम खाली हाथ वापस आ गई। इस बीच ग्रामीणों ने साधु के पास खाने पीने का सामान पहुंचा दिया।
मामले में साधु नरसिंहदास का कहना है कि मंदिर के चारों तरफ पानी है, हम निकल कर नहीं जा सकते। मंदिर पर अखंड ज्योति जल रही है। हमें कोई परेशानी नहीं है। आनंद है, सब खाने पीने को है। हम यहां से नहीं निकलेगें। हमें कुछ भी हो जाए।
एसडीईआरएफ के प्रभारी प्रमोद डंडौतिया का कहना है कि पिछले तीन दिन से रेस्क्यू किए गए हैं, जौरा क्षेत्र में चिलर से 12 लोगो को निकाला गया। देवगढ़ से 41 लोगों को निकाला गया। अभी तक कुल हमने 70 लोगों का रेस्क्यू किया है। तहसीलदार मुरैना से सूचना मिली थी। डोमपुरा पर सिद्ध बाबा मंदिर पर पुजारी हैं। टीम गई तो पुजारी ने आने से मना कर दिया। खाद्य सामग्री भेजी गई है। नदी का जलस्तर भी अब सामान्य हो रहा है।