BREAKING NEWS
BIG UPDATE: नीमच में मशहूर चाट प्रतिष्ठान पर.. <<     NEWS : नागौर एसपी ने चित्तौड़गढ़ डीएसटी प्रभारी.. <<     NEWS : छोटे ग्राहकों का बैंक, लेकिन सेवाएं बड़े.. <<     NEWS : अनुराधा पौडवाल के जन्मदिवस पर निंबाहेड़ा.. <<     NEWS : एराल से घोसुंडा तक गूंजा चुनावी प्रचार,.. <<     NEWS : किताबी ज्ञान से लेकर साइबर क्राइम तक की.. <<     NEWS : नेटवर्क समस्या के समाधान के भरोसे के बाद.. <<     BIG NEWS : दिल्ली में मुलाकातों और फोटो सेशन का खेल.. <<     KHABAR : आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की 3.. <<     BIG NEWS : त्योहारों से पहले नीमच के बाजारों में.. <<     KHABAR : शिवपुरी नगरपालिका के 14 प्रस्तावों पर.. <<     KHABAR : कपास-तुवर के खेतों में छिपा रखा था गांजे.. <<     BIG NEWS : नीमच के मशहूर हनुमान चाट प्रतिष्ठान पर.. <<     GOLD & SILVER RATE : यहां क्लिक करेंगे तो जानेंगे प्रदेश.. <<     HOROSCOPE TODAY : मेष और धनु राशि वालों का बढ़ेगा.. <<     BIG NEWS : नीमच में मंगलवार को बिजली विभाग का.. <<     BIG NEWS: नशे के कारोबार में फरारी काट रहा था 12.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
October 3, 2026, 1:17 pm
KHABAR : रेलवे भूमि अधिग्रहण पर संग्राम, 285 मकानों का मुआवजा अटका, विस्थापन और नौकरी की मांग को लेकर आंदोलन, पढे़ खबर

Share On:-

सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले की चितरंगी तहसील अंतर्गत ग्राम झोंखो में ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन निर्माण के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। प्रभावित ग्रामीण अपनी विभिन्न न्यायसंगत मांगों को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग 39 के किनारे रेलवे मार्ग पर अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरने पर बैठ गए हैं। कांग्रेस नेता अशोक सिंह पैगाम की अध्यक्षता में शुरू हुए इस बेमियादी आंदोलन में प्रभावित परिवारों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाएं और मासूम बच्चे भी शामिल हैं।


सर्वे में 311 मकान चिन्हित, लेकिन अवार्ड में महज 26 को ही मिली जगह
आंदोलनकारी ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि पूर्व में किए गए संयुक्त सर्वे के दौरान प्रशासन द्वारा करीब 311 मकानों और परिसंपत्तियों का भौतिक मूल्यांकन किया गया था। हालांकि, जब मुआवजा बांटने के लिए अवार्ड पारित किया गया, तो उसमें महज 26 मकानों को ही शामिल किया गया। शेष 285 मकानों और परिसंपत्तियों का मामला आज भी लंबित पड़ा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन और आवेदन सौंपने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकाला गया, जिसके चलते उन्हें मजबूरी में आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा।


विस्थापन, नौकरी और छूटे बैगा परिवारों के पुनर्मूल्यांकन की उठी मांग
धरना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि सभी 285 लंबित मकानों का तत्काल अवार्ड पारित कर उचित मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा, वास्तविक रेलवे एलाइनमेंट के अनुसार जमीन का सीमांकन कर अतिरिक्त अधिग्रहित रकबे का नियमानुसार मुआवजा देने, छूटे हुए गरीब बैगा समाज के मकानों का पुनर्मूल्यांकन करने, प्रभावित परिवारों को उचित स्थान पर विस्थापित करने और परिवार के पात्र सदस्यों को रेलवे में नौकरी देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है।


मौके पर पहुंचकर तुरंत समाधान करे प्रशासन, वरना तेज होगा आंदोलन
चितरंगी क्षेत्र में रेलवे प्रोजेक्ट के कारण बेघर हो रहे ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है कि प्रशासनिक अधिकारी खुद मौके पर पहुंचे और मुआवजा वितरण, जमीन सीमांकन, लंबित अवार्ड और विस्थापन से जुड़े सभी मामलों का ऑन-द-स्पॉट निस्तारण करें। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगों का लिखित और ठोस समाधान नहीं होता, तब तक यह अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन इसी तरह पूरी मुस्तैदी के साथ जारी रहेगा।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE