नीमच। बघाना रेल ओवरब्रिज के निर्माण में हो रही देरी को लेकर पूर्व विधायक डॉ. संपत स्वरूप जाजू ने नगरपालिका की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगरपालिका की कथित लापरवाही और लेटलतीफी के कारण ओवरब्रिज निर्माण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। उन्होंने कहा कि जनता लंबे समय से परेशानी झेल रही है, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।
डॉ. जाजू ने कहा कि बघाना रेल ओवरब्रिज निर्माण की स्वीकृति मिले करीब चार वर्ष हो चुके हैं। उनके अनुसार, विधानसभा चुनाव से लगभग दो वर्ष पहले इस परियोजना को स्वीकृति मिली थी और बजट आवंटन की प्रक्रिया भी काफी समय पहले हो चुकी है। इसके बावजूद निर्माण कार्य में देरी होना चिंता का विषय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नगरपालिका की जमीन पर कई मकान मालिकों द्वारा कथित रूप से अवैध अतिक्रमण और निर्माण किए गए हैं। इन मामलों में कार्रवाई और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में हो रही देरी पर भी उन्होंने सवाल उठाए। डॉ. जाजू ने कहा कि आम जनता को परेशानी से राहत दिलाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को स्थिति स्पष्ट करते हुए निर्माण कार्य की बाधाएं दूर करनी चाहिए।
‘जनता त्रस्त, नगरपालिका मस्त’
डॉ. जाजू ने नगरपालिका की कार्यशैली पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जनता परेशान है, जबकि जिम्मेदार व्यवस्था मानो कुंभकर्णी नींद में सो रही है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि नगरपालिका को जगाने के लिए ढोल पार्टी बुलानी पड़ेगी, ताकि जिम्मेदारों का ध्यान जनता की समस्या की ओर आकर्षित हो सके। उन्होंने सवाल किया कि आखिर किसके हितों को ध्यान में रखकर जानकारी देने में देरी की जा रही है?
रेल परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए बनी हैं समन्वय समितियां
डॉ. जाजू ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश में विभिन्न रेल परियोजनाओं को गति देने और उनके क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए अलग-अलग स्तर पर समन्वय समितियों का गठन किया है। उनके अनुसार, सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से गठित इन समितियों का उद्देश्य नई रेल लाइन, गेज परिवर्तन, मल्टी-ट्रैकिंग, रेलवे ओवरब्रिज (ROB) और रेलवे अंडरब्रिज (RUB) जैसी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना है।
उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण, वन विभाग की मंजूरी, उपयोगिता सेवाओं की शिफ्टिंग और कानूनी अड़चनों जैसी समस्याओं के समाधान के लिए चार स्तरीय समन्वय व्यवस्था बनाई गई है। इसमें राज्य स्तर पर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव स्तर पर लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव, संभाग स्तर पर संभागायुक्त तथा जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समितियां शामिल हैं। इन समितियों के माध्यम से लंबित मामलों की समीक्षा कर संबंधित बाधाओं का निराकरण किया जाना है।
नीमच जिले की रेल परियोजनाओं को जल्द पूरा कराने की मांग-
डॉ. जाजू ने जिले के जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे नीमच जिले की रेल परियोजनाओं को शीघ्र पूरा कराने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास करें और योजनाओं को धरातल पर उतारें। उन्होंने निम्नलिखित परियोजनाओं को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने की मांग की-
बघाना रेल ओवरब्रिज का निर्माण जल्द शुरू कराया जाए।
हिंगोरिया रेल ओवरब्रिज की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
नीमच–कोटा रेल लाइन परियोजना, जिसका फाइनल सर्वे पूरा हो चुका है, उसे आगे बढ़ाया जाए।
नीमच–बांसवाड़ा–नंदुरबार रेल लाइन परियोजना के फाइनल सर्वे सहित आगामी प्रक्रियाओं को गति दी जाए।
इसके साथ ही डॉ. जाजू ने नयागांव–लेवड़ राज्य मार्ग पर नयागांव रेलवे फाटक के स्थान पर रेल ओवरब्रिज निर्माण का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजकर स्वीकृत कराने की मांग भी की।
उन्होंने कहा कि रेल परियोजनाएं क्षेत्र के विकास, आवागमन और आमजन की सुविधा से जुड़ी हैं। ऐसे में इनके क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी इन मांगों पर कितनी जल्दी कार्रवाई करते हैं।