नीमच। कथित वोट चोरी और चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर सोमवार को नीमच के भारत माता चौराहे पर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। दिल्ली में राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं द्वारा निकाले जा रहे मार्च के समर्थन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया और लोकतंत्र की रक्षा, निष्पक्ष चुनाव तथा मताधिकार की स्वतंत्रता का संदेश दिया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
SIR के तहत नाम हटाने को लेकर उठाए सवाल-
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के नाम पर देशभर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। हालांकि, यह आंकड़ा कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाया गया आरोप है। नेताओं ने मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नाम सुरक्षित रखने और प्रत्येक योग्य मतदाता को मतदान का अवसर देने की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती जनता के मताधिकार पर निर्भर करती है। प्रत्येक पात्र नागरिक को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से मतदान करने का अधिकार मिलना चाहिए। संविधान की प्रस्तावना में उल्लेखित ‘हम भारत के लोग’ का संदर्भ देते हुए नेताओं ने कहा कि नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना आवश्यक है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लेकर भी उठाई मांग-
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी टिप्पणी की और उन्हें सरकारी गवाह बनाए जाने की मांग उठाई। नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े सवालों पर गंभीरता से विचार करने, निर्वाचन आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित करने और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की।
इस प्रदर्शन में मुकेश कालरा, ओम दीवान, संदीप चौधरी, इकबाल हुसैन, अनूप प्रजापत, यश सिंगोलिया, वैभव जैन, योगेश प्रजापति, हारुन कुरैशी, यश लोहार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।