नीमच। भादवामाता मंदिर के विकास कार्यों को लेकर श्रेय की राजनीति का आरोप लगाते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने प्रदेश सरकार और स्थानीय विधायक दिलीप सिंह परिहार से कई सवाल किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर के भक्तों द्वारा दान की गई राशि को सरकारी सौगात बताकर पेश किया जा रहा है। बाहेती ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा घोषित 17 करोड़ रुपये की राशि, मंदिर परिसर के विकास के लिए बताई जा रही 5 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति और पूर्व में स्वीकृत 10 करोड़ रुपये के खर्च का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है।
बाहेती ने कहा कि भादवामाता मंदिर मालवा-मेवाड़ सहित देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे पवित्र स्थल के विकास कार्यों को लेकर राजनीति करना उचित नहीं है। उन्होंने विधायक दिलीप सिंह परिहार से सवाल किया कि यदि विकास कार्यों के लिए प्रस्तावित राशि मंदिर की दानपेटी में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए धन से दी जा रही है, तो इसे सरकार की उपलब्धि के रूप में क्यों प्रस्तुत किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि मंदिर की राशि और शासन के वास्तविक योगदान की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
17 करोड़ रुपये की घोषणा पर उठाए सवाल-
बाहेती ने कहा कि 29 जून को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नीमच दौरे के दौरान भादवामाता कॉरिडोर और मंदिर निर्माण के लिए 17 करोड़ रुपये की घोषणा की गई थी। उनके अनुसार, घोषणा के बाद भी इसकी स्वीकृति और राशि के आवंटन की स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने सरकार से पूछा कि यदि राशि स्वीकृत हो चुकी है, तो उसके आवंटन और उपयोग की जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? यदि स्वीकृति नहीं मिली है, तो घोषणा के क्रियान्वयन की स्थिति क्या है? उन्होंने मांग की कि सरकार घोषणा के अनुरूप अब तक हुई कार्रवाई का स्पष्ट विवरण दे।
5 करोड़ रुपये की राशि का स्रोत सार्वजनिक करने की मांग-
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने मंदिर परिसर में विकास कार्यों के लिए बताई जा रही 5 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि यह राशि मंदिर संस्थान की दानपेटी में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए लगभग साढ़े पांच करोड़ रुपये में से दी जा रही है। बाहेती ने कहा कि यदि राशि मंदिर के खाते से खर्च की जा रही है, तो इसे सरकारी बजट से मिली सौगात बताने के बजाय इसके वास्तविक स्रोत की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि प्रशासन स्पष्ट करे कि 5 करोड़ रुपये किन-किन कार्यों के लिए स्वीकृत किए गए हैं, राशि का उपयोग किस प्रकार किया जाएगा और मंदिर विकास में शासन की ओर से वास्तविक वित्तीय योगदान कितना है।
समाजसेवियों के योगदान और पूर्व के 10 करोड़ रुपये पर भी सवाल-
बाहेती ने कहा कि मंदिर परिसर में हुए बड़े निर्माण कार्यों में समाजसेवियों और श्रद्धालुओं का योगदान रहा है। उन्होंने दावा किया कि गर्भगृह के सामने मंदिर निर्माण का कार्य अशोक गंगानगर परिवार तथा कॉरिडोर निर्माण का कार्य नीमच के धानुका परिवार निजी सहयोग से करा रहा था। उन्होंने सवाल किया कि जब निर्माण कार्यों में समाजसेवियों और भक्तों का योगदान है, तो सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से किए गए वास्तविक कार्यों का विवरण भी सामने आना चाहिए।
उन्होंने भादवामाता लोक निर्माण के लिए पूर्व में स्वीकृत 10 करोड़ रुपये की राशि के खर्च का हिसाब भी सार्वजनिक करने की मांग की। बाहेती ने पूछा कि यह राशि किन कार्यों पर खर्च की गई, किन कार्यों को पूरा किया गया और मुख्य मंदिर का निर्माण कार्य बीच में क्यों रुका हुआ है। उन्होंने सरकार से इन सभी सवालों का तथ्यात्मक जवाब देने की मांग की।
विधायक पर श्रेय लेने की होड़ का आरोप, श्वेत पत्र जारी करने की मांग-
बाहेती ने आरोप लगाया कि विधायक दिलीप सिंह परिहार भादवामाता मंदिर के विकास कार्यों का श्रेय लेने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि सितंबर में मुख्यमंत्री के दोबारा नीमच दौरे के दौरान पुरानी घोषणा की प्रगति स्पष्ट करने के बजाय अन्य घोषणाएं की गईं। इसके बाद शारदीय नवरात्रि से पहले 5 करोड़ रुपये की राशि को सरकारी सौगात के रूप में प्रस्तुत किया गया, जबकि उनके अनुसार यह राशि मंदिर संस्थान के खाते से संबंधित है।
उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले में श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। बाहेती के अनुसार, श्वेत पत्र में 17 करोड़ रुपये की घोषणा की स्वीकृति और आवंटन की स्थिति, 5 करोड़ रुपये की राशि का वास्तविक स्रोत, उससे प्रस्तावित विकास कार्यों का विवरण, मुख्य मंदिर का निर्माण रुकने के कारण और पूर्व में स्वीकृत 10 करोड़ रुपये के खर्च का पूरा ब्योरा शामिल होना चाहिए।
श्माता का मंदिर राजनीति का अखाड़ा नहींश्-
बाहेती ने कहा कि भादवामाता मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसे राजनीतिक श्रेय लेने का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर के विकास कार्यों में सरकार, मंदिर संस्थान, समाजसेवियों और श्रद्धालुओं की ओर से किए गए योगदान की स्थिति पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि मंदिर विकास से जुड़े वित्तीय मामलों और घोषणाओं पर स्थिति स्पष्ट नहीं होने तक कांग्रेस इस मुद्दे को उठाती रहेगी। - तरुण बाहेती, जिला कांग्रेस अध्यक्ष, नीमच
नोटरू यह समाचार जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती द्वारा लगाए गए आरोपों और उनके बयानों पर आधारित है। प्रकाशित करने से पहले 17 करोड़ रुपये की घोषणा, 5 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति, पूर्व में स्वीकृत 10 करोड़ रुपये के खर्च और निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति की संबंधित सरकारी या मंदिर संस्थान के अभिलेखों से पुष्टि करना उचित होगा।