देवास। लोकायुक्त पुलिस ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। इंदौर पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के देवास स्थित आवास सहित कुल 15 ठिकानों पर लोकायुक्त इंदौर एवं उज्जैन की संयुक्त टीम ने सर्चिंग की।
लोकायुक्त की शुरुआती जांच में आरोपी के नाम, पत्नी, मां, परिचित महिला, विभिन्न फर्मों और अन्य नामों पर कुल 33 अचल संपत्तियां सामने आई हैं। इनका अनुमानित वर्तमान बाजार मूल्य करीब 29 करोड़ 73 लाख रुपये बताया गया है।
जांच के अनुसार, आरोपी को नौकरी से करीब 75 लाख रुपये वेतन मिला, जबकि अन्य आय को मिलाकर कुल आय लगभग 1 करोड़ 93 लाख रुपये आंकी गई है। वहीं, संपत्तियों और अन्य मदों पर करीब 12 करोड़ 95 लाख रुपये का व्यय सामने आया है। लोकायुक्त के मुताबिक, करीब 11 करोड़ रुपये से अधिक की अनुपातहीन संपत्ति का मामला सामने आया है।
सर्चिंग के दौरान इंदौर, उज्जैन और देवास में करीब 21 बैंक खातों की जानकारी मिली है। इसके अलावा साहिल ट्रेडिंग कंपनी, रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट, रोशनी सेल्स एंड सर्विस, महाराजा रियल एस्टेट और ब्लैक हॉरनेट सहित कई फर्मों के बारे में जानकारी सामने आई है। बैंक खातों की जांच की जा रही है और उनसे राशि निकालने पर रोक लगाई गई है।
लोकायुक्त टीम को ट्रक, कार, स्कॉर्पियो, स्कूटी और मोटरसाइकिल सहित करीब 9 वाहनों के दस्तावेज भी मिले हैं। जांच में परिचित महिला रोशनी वर्मा के नाम पर करीब 21.75 बीघा कृषि भूमि का पंजीकृत एग्रीमेंट कराए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
इस पूरी कार्रवाई में देवास में लोकायुक्त उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान सहित अधिकारियों की टीम शामिल रही। लोकायुक्त के अनुसार, देवास और इंदौर में कुछ स्थानों पर सर्चिंग जारी थी, जबकि अन्य स्थानों पर कार्रवाई पूरी हो चुकी थी। मामले में संपत्तियों, बैंक खातों और फर्मों से जुड़े दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है।