नीमच। नीमच शहर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने ईंट भट्टा व्यवसाय से जुड़े व्यवसायियों, कारीगरों एवं प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने और आजीविका की सुरक्षा को लेकर मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगरपालिका परिषद नीमच को मांग-पत्र सौंपा है। मांग-पत्र में प्रभावित परिवारों के लिए समयबद्ध पुनर्वास योजना बनाने और उन्हें व्यावहारिक राहत उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
शहर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष ओम दीवान ने मांग-पत्र में बताया कि नीमच नगर के सर्वे क्रमांक 354 की 21.09 हेक्टेयर भूमि पर वर्षों से ईंट भट्टा व्यवसाय से जुड़े परिवारों की आजीविका निर्भर रही है। प्रदूषण के मद्देनजर प्रशासन द्वारा पूर्व में ईंट भट्टों का संचालन बंद कराया जा चुका है। वर्तमान में कुछ लोग यहां मिट्टी के दीये, मूर्तियां एवं अन्य सामग्री बनाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं, जबकि कुछ व्यवसायी अन्य स्थानों पर ईंटों का निर्माण कर संबंधित भूमि पर उनका स्टॉक रखकर विक्रय करते हैं।
मांग-पत्र में उल्लेख किया गया है कि उक्त भूमि के संबंध में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ द्वारा द्वितीय अपील क्रमांक 2613/2022 खारिज किए जाने के आदेश का कांग्रेस कमेटी सम्मान करती है। कमेटी ने स्पष्ट किया कि उसका निवेदन न्यायालय के आदेश के विरुद्ध नहीं, बल्कि उससे प्रभावित लोगों की आजीविका और भविष्य की सुरक्षा से संबंधित है। मांग-पत्र के अनुसार, न्यायालय के आदेश में पुनर्वास के पहलू और वैकल्पिक भूमि पर पुनर्स्थापन के प्रस्ताव का संदर्भ होने के कारण प्रभावित परिवारों को व्यावहारिक राहत मिलनी चाहिए।
ये प्रमुख मांगें रखीं-
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने मांग की है कि प्रभावित व्यवसायियों, कारीगरों एवं परिवारों का सर्वे कर पात्रता निर्धारित की जाए और पुनर्वास के लिए समयबद्ध योजना बनाई जाए। पात्र लोगों को उपयुक्त वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने के साथ बिजली, पानी और सड़क जैसी आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएं। नियमानुसार वैकल्पिक स्थल पर पट्टा या लाइसेंस देने की व्यवस्था भी की जाए, ताकि व्यवसायी स्थायी रूप से अपना कारोबार संचालित कर सकें।
इसके अलावा, भूमि खाली कराने की विधिसम्मत कार्रवाई से पहले प्रभावित पात्र लोगों के पुनर्वास, सामान एवं स्टॉक के स्थानांतरण और कारोबार की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए पर्याप्त समय तथा आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की मांग की गई है।