नीमच। जिले में आशा कार्यकर्ताओं को तीन-तीन महीने से मानदेय नहीं मिलने का मामला सामने आया है। ने भाजपा सरकार और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए बकाया मानदेय का जल्द भुगतान करने की मांग की है। उन्होंने भुगतान प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की आशंका जताते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग भी की।
मधु बंसल ने कहा कि आशा कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने, संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने, बच्चों के टीकाकरण और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिलना चिंताजनक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बकाया भुगतान की मांग करने पर कार्यकर्ताओं को बजट नहीं आने का हवाला देकर लौटा दिया जाता है। मधु बंसल ने कहा कि यदि बजट की कमी है, तो विभाग को स्थिति स्पष्ट करते हुए भुगतान में देरी का कारण बताना चाहिए।
उन्होंने पोर्टल पर भुगतान जारी होने के दावों और कार्यकर्ताओं के बैंक खातों में राशि नहीं पहुंचने की स्थिति की जांच कराने की मांग की। साथ ही पोर्टल पर दर्ज भुगतान, स्वीकृत राशि और बैंक खातों में जमा रकम का मिलान कराकर जिम्मेदारी तय करने की बात कही।
मधु बंसल के अनुसार, बकाया मानदेय को लेकर पहले भी कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं और सीएमएचओ कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने सभी लंबित भुगतान जल्द जारी करने और भविष्य में समय पर मानदेय देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द समाधान नहीं होने पर आशा कार्यकर्ताओं के समर्थन में आंदोलन किया जाएगा।