भगवानपुरा। एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के विरोध में शुक्रवार को जागृत आदिवासी दलित संगठन की ओर से रैली निकालकर तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया। संगठन के पदाधिकारियों और समाजजनों ने तहसीलदार प्रवीण चंगर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम ज्ञापन सौंपकर एसआईआर प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी भी की।
संगठन की ओर से हाट बाजार से तहसील कार्यालय तक रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के महिला-पुरुष शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान समाजजनों ने एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से काटे गए नामों को दोबारा बहाल करने की मांग उठाई। साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग भी ज्ञापन के माध्यम से रखी।
मजदूरी के लिए बाहर गए लोगों के नाम कटने का आरोप-
जागृत आदिवासी दलित संगठन के शिवराम कनासे, मदन बामणिया, जगदीश सोलंकी और कैलाश ने बताया कि क्षेत्र के कई आदिवासी परिवार मजदूरी के लिए दूसरे शहरों में चले जाते हैं। उनके अनुसार, इसी कारण एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कई लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए।
संगठन ने मांग की कि मतदाता सूची से हटाए गए नामों का दोबारा परीक्षण किया जाए। जिन परिवारों के नाम सूची से काटे गए हैं, उन्हें लिखित नोटिस दिया जाए और अपना पक्ष रखने के साथ अपील करने का पर्याप्त अवसर मिले, ताकि पात्र मतदाता अपने नाम दोबारा जुड़वा सकें।
मतदाता सूची में पारदर्शिता की मांग-
ज्ञापन में चुनाव आयोग की वेबसाइट को अधिक पारदर्शी और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने की मांग भी की गई। संगठन का कहना है कि प्रत्येक मतदाता को आसानी से अपना नाम खोजने की सुविधा मिलनी चाहिए। इसके साथ ही पंचायत भवनों में मतदाता सूची चस्पा करने की मांग भी उठाई गई, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सूची में अपना नाम देखने में परेशानी न हो।
वोट के अधिकार से वंचित नहीं किया जाए-
प्रदर्शन के दौरान समाजजनों ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के कारण किसी भी पात्र मतदाता को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रक्रिया के दौरान आदिवासी समाज के कई लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जिससे उनके मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है।
संगठन ने कहा कि आदिवासी समाज के लोगों को केवल दस्तावेजों के अभाव में उनके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। ज्ञापन के माध्यम से एसआईआर प्रक्रिया निरस्त करने, मतदाता सूची से काटे गए नामों की पुनः जांच करने और पात्र मतदाताओं के नाम जल्द बहाल करने की मांग की गई।