नीमच। केंद्र सरकार द्वारा 24 अक्टूबर को जारी अफीम नीति 2026-27 को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने नीति जारी करने में एक महीने से अधिक की देरी को सरकार की विफलता बताते हुए कहा कि इससे किसानों की बुवाई और फसल की तैयारी प्रभावित हो सकती है।
बाहेती ने कहा कि नीति में अफीम के भाव बढ़ाने और लुनी-चीरनी पद्धति के किसानों को सीपीएस में पट्टे देने जैसी मांगों पर कोई ठोस राहत नहीं मिली है। उन्होंने अगले वर्ष से पट्टों के लिए मार्फिन का मानक 4.4 किलोग्राम से बढ़ाकर 5.9 किलोग्राम किए जाने पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों को मार्फिन बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक मार्गदर्शन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
उन्होंने अफीम की फसल को फसल बीमा और मुआवजा नीति में शामिल करने की मांग दोहराई। साथ ही पट्टों के आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लाभार्थियों की आधिकारिक सूची वेबसाइट पर जारी करने की मांग की। बाहेती ने कहा कि नई नीति से किसानों को अपेक्षित राहत नहीं मिली है और इसके प्रभावों को लेकर अभी कई सवाल बने हुए हैं।