चित्तौड़गढ़। जिले में 19 लाख 83 हजार रुपये की कथित लूट के मामले में पुलिस ने महज तीन घंटे में खुलासा करते हुए मुनीम की कहानी को झूठा पाया। पुलिस के अनुसार, मुनीम ने दिवाली के दौरान स्कॉर्पियो गाड़ी खरीदने के लिए रकम हड़पने की योजना बनाई और इसे लूट का रूप देने की कोशिश की। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर बोजुंदा पुलिया के पास झाड़ियों से पूरी रकम बरामद कर ली। साथ ही उसका क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन और बाइक भी जब्त की गई।
पुलिस के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे सदर चित्तौड़गढ़ थाने पर सूचना मिली कि सिंचाई विभाग के एक ठेकेदार के यहां मुनीम के रूप में कार्यरत बालकिशन बस्सी से करीब 19 लाख 83 हजार रुपये लेकर बाइक से धरियावद जा रहा था। इसी दौरान बोजुंदा से आगे कोटा-उदयपुर हाईवे के पास कथित तौर पर तीन लोगों ने मुंह पर कपड़ा बांधकर उसे नीचे गिरा दिया और उसके पास रखे बैग से करीब 20 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए।
मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी, जांच में खुली कहानी-
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र जोधा और वृत्ताधिकारी बृजेश सिंह के निर्देशन में तत्काल पुलिस टीम गठित कर घटना का खुलासा करने के निर्देश दिए। सदर थाना प्रभारी प्रेम सिंह पुलिस टीम और जिला स्पेशल टीम (DST) के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए।
पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ। पुलिस को आशंका हुई कि लूट की कहानी मनगढ़ंत हो सकती है और रकम कहीं छिपाई गई है। इसके बाद मुनीम बालकिशन से पूछताछ की गई।
स्कॉर्पियो खरीदने के लिए रची साजिश-
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में बालकिशन ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने दिवाली के समय स्कॉर्पियो गाड़ी खरीदने के लिए रकम हासिल करने की योजना बनाई थी। इसके लिए उसने रुपये छिपाकर लूट की झूठी कहानी रची और अपना मोबाइल फोन तोड़कर सड़क किनारे फेंक दिया, ताकि घटना वास्तविक लूट जैसी लगे।
पुलिस ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर बोजुंदा पुलिया के पास झाड़ियों में छिपाए गए 19 लाख 83 हजार रुपये बरामद कर लिए गए। इसके अलावा क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन और बाइक भी जब्त की गई।
पुलिस टीम की भूमिका-
कार्रवाई में सदर थाना प्रभारी प्रेम सिंह, एएसआई सुरेंद्र सिंह, हीरालाल, साइबर सेल के राजकुमार तथा कांस्टेबल हेमवृत, विनोद और भजनलाल शामिल रहे। वहीं, जिला स्पेशल टीम (DST) की ओर से कांस्टेबल रामावतार, हेमराज, पदम और पुरखाराम ने कार्रवाई में सहयोग किया।
डिटेन व्यक्ति- बालकिशन पिता लक्ष्मीलाल पूर्बिया, निवासी खेताखेड़ा, कानोड़, जिला उदयपुर।
पुलिस के अनुसार, मामले में कथित लूट की साजिश का खुलासा कर पूरी रकम बरामद कर ली गई है।