नीमच। जिले के पालसोड़ा ग्राम में भैंसासरी माताजी के मंदिर पर चल रही सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा के छठे दिन रविवार को भागवताचार्य परम पूज्य गुरुदेव पंडित गौरव कश्यप कलोरी खुर्द रतलाम ने गोवर्धन पर्वत की महिमा और कृष्ण-रुकमणी का व्याख्यान किया। गोवर्धन पर्वत की लीला का वर्णन सुन कर दर्शक भाव विभोर हो उठे।
इस मौके पर पंडित कश्यप ने कहा कि मनुष्य को मन, वचन और कर्म से सरल होना चाहिए। ईमानदारी के साथ जीवन का गुजारा करना चाहिए। जो लोग सच्चाई के साथ जीवन जीते हैं, परमात्मा उनकी हर संभव सहायता करते हैं। उन्होंने कहा कि चोरी, चुगली, निंदा जैसे पाप कर्म करने वाले लोगों को परमात्मा एक न एक दिन दंडित अवश्य करते हैं। सुखी जीवन के लिए परोपकार करना भी जरूरी होता है।
इस दौरान सुंदर-सुंदर झांकियां दिखाई गई। बच्चों द्वारा राधा-कृष्ण बनकर पंडाल को भक्तिमय कर दिया। महिलाएं पुरुष भजनों पर अपने आप को नृत्य करने से नहीं रोक पाए।
श्रीमद भागवत महोत्सव समिति पालसोड़ा द्वारा सभी धर्म प्रेमी जनता से निवेदन किया है कि अधिक से अधिक संख्या में पधारे एवं ज्ञान गंगा की अमृत वर्षा में डुबकी लगाएं और अपने जीवन को धन्य बनाएं। कथा प्रतिदिन 11.30 से 04 बजे तक चल रही है। कथा में आसपास क्षेत्र के सैकड़ों महिला पुरुष उपस्थित थे। आरती के पश्चात प्रसाद वितरित की गई।