भवानीमंडी। आंखें ईश्वर का सबसे खूबसूरत उपहार है और किसी को दृष्टि का दान करना परोपकार सबसे बड़ा माध्यम है। इसलिए संभाग में नेत्रदान के प्रति सकारात्मकता लगातार बढ़ती जा रही है एवं मृत्यु के समय प्रेरित करने पर परिजन अब नेत्रदान के लिए सहर्ष तैयार होने लगे हैं।
रविवार को कोटा निवासी रामचंद्र गुप्ता की मृत्यु होने की जानकारी समाज के ग्रुप के माध्यम से भवानीमंडी के नेत्रदान प्रभारी कमलेश दलाल को मिली। कमलेश एवं थर्मल इंजीनियर दीपक गुप्ता ने मृतक के भतीजे मुकेश से रामचंद्र का नेत्रदान करवाने के लिए बात की। शिक्षित परिवार होने के कारण तुरंत परिवार में सहमति हो गई। जिस पर सूचना पर शाइन इंडिया फाउंडेशन के डॉ कुलवंत गौड़ एवं आई बैंक सोसाइटी ऑफ राजस्थान के टेक्नीशियन टिंकू ओझा ने मृतक के घर पहुंचकर सभी परिवार जनों के सामने नेत्रदान प्राप्त किया। नेत्रदान उत्तसरण प्रक्रिया के समय डॉक्टर ओम प्रकाश गुप्ता ने पूरा सहयोग किया।
भारत विकास परिषद के नेत्रदान प्रभारी एवं शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति मित्र कमलेश दलाल ने बताया कि दो दिन पहले भी कोटा से ही सरस्वती देवी का नेत्रदान प्राप्त हुआ है, यह 10 दिनों में तीसरा नेत्रदान है। पहले 29 दिसंबर को भवानीमंडी से नवदीप सिंह की मृत्यु के पश्चात नेत्रदान हुआ है।
नेत्र उत्सरक डॉ कुलवंत गौड़ एवं टिंकू ओझा ने बताया कि रामचंद्र गुप्ता का कॉर्निया अच्छा पाया गया है जिसे आई बैंक सोसाइटी ऑफ राजस्थान के आई बैंक जयपुर भिजवा दिया गया है जहां यह दो नेत्रहीनों को नई रोशनी देने में सहायक हो सकेगा, जिससे वे फिर से इस सुंदर सृष्टि को देख सकें।