नीमच। अपने आप को जानो और स्वयं पर गर्व करो- स्वामी विवेकानंद का यह वाक्य जिंदगी जीने का सार्थक अर्थ बताता है। सनातनी हिंदू धर्म के ओजस्वी वक्ता पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने आज यह बात स्वामी विवेकानंद स्नातकोत्तर कॉलेज में विवेकानंद जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कही।
पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि सनातन हिंदू समाज अपनी शक्ति का प्रदर्शन और अधिकारों का सही उपयोग करने लगेगी तो सत्ता आप की चौखट पर नाक रगड़ेगी। उन्होंने बेबाक ढंग से कहा कि नेता चुनाव के पहले किए गए वादे चुनाव के बाद भूल जाते हैं। नेताओं को हिदायत देते हुए वे बोले की टिकट कट जाना छोटी बात है, राष्ट्र नहीं कटना चाहिए। जहां जहां लोकतंत्र है वहां नेताओं को झूठ बोलने की इजाजत मिली हुई है। चोर, उठाईगिरे, लुटेरे दुनिया में ज्ञान बांट रहे है।पद से ज्ञान का कोई लेना देना नहीं है।
पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि दो झूठ सनातनियों को दीमक की तरह चाट रहे है। एक तो सभी धर्म बराबर है, और दूसरा देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ। ट्रांसफर आफ पावर को आजादी कहा गया। पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने राजनेताओं और आज की राजनीति पर जमकर प्रहार किए। उन्होंने नेहरू जी को फूल वाले चचा कहा, वहीं सरदार पटेल और बाबा भीमराव अंबेडकर की जमकर प्रशंसा की। सेकुलरिज्म शब्द को उन्होंने यूरोप की पैदाइश बताया।
उन्होंने कहा कि भारत का समाज आदि अनादि काल से कर्म प्रधान रहा है। भारत की मिट्टी में सेकुलरिज्म शब्द है। जिन मुद्दों से राष्ट्र सुरक्षित होता है वही मेरे लिए मुद्दा है। अहिल्याबाई होल्कर को उन्होंने सबसे बड़ा आदर्श बताया। वे वक्फ बोर्ड, भोजशाला और सनातन से जुड़े तमाम मुद्दों पर बोले। उन्होंने शिवराज सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि शिवराज को हमने तीर्थ यात्रा कराने के लिए नहीं भेजा। उन्हें वह काम करना चाहिए था जो हजारों साल तक हिंदू समाज याद रखें। भोजशाला के मामले में उन्होंने कहा कि शिवराज सरकार के लोग अंदर तक शामिल है। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री के आदेश को खारिज कराना चाहिए था। ताजमहल के बारे में उन्होंने कहा कि यह प्यार की नहीं, तकलीफ की निशानी है। प्यार और आदर्श की सबसे बड़ी निशानी उन्होंने तमिलनाडु के रामसेतु को बताया। पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ को सुनने हेतु मंचासीन अतिथियों को स्टेज से नीचे उतरना पड़ा।
कार्यक्रम में सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक दिलीप सिंह परिहार, जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जनसिंह सिंह चौहान, नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चौपड़ा, जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष विश्व देव शर्मा, जनपद अध्यक्ष कैलाशी बाई धनगर, पूर्व काबीना मंत्री कैलाश चावला, वरिष्ठ समाजसेवी संतोष चोपड़ा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राकेश पप्पू जैन और गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।