सेगांव। रक्षाबंधन से पहले रविवार को सेगांव सहित पूरे निमाड़ अंचल में भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और आस्था का प्रतीक वीरपोस पर्व हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भाइयों ने बहनों के घर पहुंचकर उन्हें रक्षाबंधन पर मायके आने का निमंत्रण दिया और वर्षों पुरानी परंपरा निभाई।
वीरपोस पर्व पर भाई अपनी बहन के लिए सवा किलो गेहूं, ब्लाउज का कपड़ा, नारियल की वाटकी, बिंदी, चूड़ी, मेहंदी, लिपस्टिक, नेल पॉलिश, नाड़ा, गुड़ और मिठाई सहित अन्य सामग्री लेकर बहन के घर पहुंचता है। बहन भाई का तिलक कर उसका स्वागत करती है और भोजन कराकर रक्षाबंधन पर मायके आने का वचन देती है।
वीरपोस पर्व से जुड़ी मान्यता और परंपरा रिश्तों में प्रेम, अपनत्व और भाई-बहन के स्नेह को महत्व देती है। इसकी कथा यह संदेश देती है कि रिश्तों में धन-दौलत से अधिक सच्ची नीयत, प्रेम और भावनाओं का महत्व होता है। यही कारण है कि सदियों पुरानी यह परंपरा आज भी निमाड़ की लोक संस्कृति और सामाजिक परंपराओं का अभिन्न हिस्सा बनी हुई है।