नीमच। ग्राम पंचायत धनेरिया कलां के सरपंच निर्मल राठौर का इंदौर के बाम्बे हास्पीटल में 12 जनवरी को प्रात 5 बजे लगभग निधन हो गया। राठौर 28 दिसंबर को एक हादसे का शिकार हो गए थे और इंदौर के बाम्बे हास्पीटल में 15 दिन तक उपचाररत थे। किन्तु इनकी हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा था और गुरुवार को प्रातः उन्होंने अंतिम सांस ली और धनेरिया कलां का उगता हुआ सूरज हमेशा के लिए अस्त हो गया। निर्मल राठौर के निधन का समाचार जैसे ही क्षेत्रवासियों को लगा तो क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सभी स्तब्ध रह गये, किसी को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि अपना लाड़ला जन सेवक हमारे बीच में नहीं रहा।
इंदौर से उनका पार्थिव शरीर गुरुवार को शाम 6 बजे गांव धनेरिया कलां लाया गया। उनकी अंतिम यात्रा घर से प्रारंभ हुई जो गांव के मुख्य मार्ग से होती हुई मोक्षधाम पहुंची। जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके दोनों बेटों ने अपने पिता को मुखाग्नि देकर नम आंखों से अंतिम दर्शन करते हुए विदा किया।
ज्ञात रहे स्व निर्मल राठौर, लक्ष्मी नारायण के अनुज पुत्र स्व कंवरलाल के पुत्र थे तथा बाबूलाल के बड़े भाई के लड़के राजेश के भ्राता थे।
स्व निर्मल एक हंसमुख मिलनसार और धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। राठौर के अंतिम संस्कार में पूर्व विधायक नंदकिशोर पटेल, छोटी सादड़ी पंचायत समिति के उप प्रधान विक्रम आंजना, भरतलाल आंजना, भरतलाल पिलावत, मनासा के बंशीलाल राठौड़, उमराव सिंह गुर्जर, जगदीश गुर्जर, जिला पंचायत सदस्य तरूण बाहेती, चमन गुर्जर, पूर्व उत्तर मंडल अध्यक्ष धनसिंह कैथवास, देवीलाल पटेल, जनपद सदस्य प्रतिनिधि हरीश अहीर, बसंतीलाल आंजना, प्रभुलाल आंजना, जनपद पंचायत नीमच के पूर्व उपाध्यक्ष प्रतिनिधि दीपक नागदा, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि रामदयाल धाकड़ सहित आसपास के गांवों से व नीमच से हजारों की संख्या में प्रबुद्ध जनों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए दिवंगत आत्मा को श्रृद्धांजलि अर्पित की।