भवानीमंडी। झालावाड़ जिले के बकानी कस्बे में 18 दिसम्बर 2018 को जन्मे जतिन पुत्र राकेश प्रजापति जन्मजात से ही गंभीर बीमारी से ग्रसित था। जिसके कारण वह बोल व सुन नही पाता था। नवजात शिशु के रोने पर जंहा घरों में खुशियां बिखरती है, लेकिन दुर्भाग्यवश वह खुशी जतिन के माता-पिता को नही मिल सकी थी कारण था, उनके बालक का सुनने व बोलने में असमर्थ होना। जतिन जैसे जैसे बड़ा हुआ उसके माता-पिता व परिजन उसके ईलाज के लिए जयपुर, कोटा, झालावाड़ के बड़े बड़े अस्पतालों में बच्चे का इलाज कराना शुरू किया। कई स्थानों पर दिखाने के बाद मामला सामने आया की बच्चे के सर का जटिल ऑपरेशन करवाना होगा जिसमें 8 से 10 लाख रुपए का खर्च आएगा। बकानी में कपड़े की छोटी सी दुकान चलाने वाले राकेश व उनकी पत्नी रेखा कुमारी इतने बड़े खर्चे को वहन करने में असमर्थ थे।
गत वर्ष जतिन के मामा सिलहगढ़ निवासी ईश्वर प्रजापति ने जन अभियोग निराकरण समिति सदस्य राजेश गुप्ता करावन को मामले की जानकारी देते हुए बालक के ईलाज के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की बात कही। इस पर राजेश गुप्ता करावन ने अपने अथक प्रयासों से बालक को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलवाते हुए भीलवाड़ा स्थित देव ईएनटी (प्रायवेट हॉस्पिटल) में ऑपरेशन करवाया गया। जंहा डॉक्टर राजेश जैन 4 घंटे चले जटिल ऑपरेशन के दौरान बालक जतिन के सर में डिवाइस लगाकर ऑपरेशन को सफल किया। हॉस्पिटल की डॉक्टर चंद्रकांता ने बताया कि बालक का 20 दिनों पश्चात दूसरे चरण का ऑपरेशन भी किया जाएगा जिससे उसके बोलने, सुनने व समझने की शक्ति और बढ़ेगी।
राजेश करावन ने जिला कलेक्टर को कराया अवगत-
जन अभियोग निराकरण समिति सदस्य राजेश गुप्ता करावन ने बताया कि उन्होंने मामले की गम्भीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर भारती दीक्षित को पत्र माध्यम से बालक की बीमारी से अवगत कराया। इस पर जिला कलेक्टर ने तुरंत संज्ञान लेते हुए बालक के ईलाज के लिए सरकारी योजनाओं में शामिल राष्ट्रीय बाल स्वास्थ मिशन का लाभ दिलवाने के लिए आवश्यक कार्यवाही पूर्ण की। जिसके पश्चात गत वर्ष 18 दिसम्बर को बालक का भीलवाड़ा के निजी हॉस्पिटल में सफल इलाज हो सका।
माता-पिता व मामा ने किया राजेश करावन का आभार व्यक्त-
जतिन के ईलाज में मुख्य भूमिका निभाने वाले बालक माता-पिता व मामा ने राजेश गुप्ता करावन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी आर्थिक स्थित ठीक नही होने के चलते शायद वह अपने बालक का ईलाज नही करवा पाते लेकिन जन अभियोग निराकरण समिति सदस्य राजेश गुप्ता करावन ने उनके प्रयासों से उनके जीवन के सबसे कठिन व अहम कार्य को पूरा किया है। उनके द्वारा किए गए इस कार्य के चलते ही उनके बच्चें व उनके जीवन मे खुशियां लोटी है।