चित्तौड़गढ़। श्री क्षत्रिय युवक संघ के आनुशांगिक संगठन श्री क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन का पांचवा स्थापना दिवस चित्तौड़गढ़ के भीलवाड़ा रोड स्थित राजपूत छात्रावास में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पूज्य श्री तन सिंह जी की तस्वीर के सामने गंगा सिंह साजियाली, बलवीर सिंह बाबरा, रणजीत सिंह भाटी, गोवर्धन सिंह भाटी ने पूजा अर्चना और मंगलाचरण से की।
श्री क्षत्रिय युवक संघ के गंगा सिंह साजियाली ने श्री क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन के उद्देश्य के बारे में अवगत करवाया। श्री क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन के हर्षवर्धन सिंह रूद ने बताया कि श्री क्षत्रिय युवक संघ वर्षों से संस्कार निर्माण के कार्य में लगा हुआ है। समाज की अपेक्षाओं को देखते हुए श्री क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन जैसे कई आनुषांगिक संगठनों का गठन किया गया है। यह संगठन स्थापना के बाद से ही युवाओं के बीच अच्छा कार्य कर रहा है इस कार्य को और अधिक गति देने की आवश्यकता है साथ ही क्षात्र पुरूषार्थ फाउंडेशन में कार्य करने वाले युवाओं को क्षत्रिय युवक संघ से परिचित करवाना भी अति आवश्यक है। हमें श्री क्षत्रिय युवक संघ के नियमों का अक्षरशः पालन करना चाहिए तभी हम संस्कारित समाज और राष्ट्र का निर्माण कर पाएंगे। वर्तमान में पूज्य श्री तन सिंह जी के साहित्य को पढ़ना आवश्यक है। यह साहित्य ही हमें राष्ट्र निर्माण में हमारा मार्गदर्शन करेगा। मंगल सिंह झाड़ोली के द्वारा पिछले वर्ष किये गए कार्याे की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। आगामी वर्ष में करणीय कार्याे की योजना बनाकर जिम्मेदारी दी गई।
इस प्रकार के कार्यक्रम प्रदेश भर में 100 से अधिक जगहों पर मनाए गए। स्थापना दिवस के इस कार्यक्रम में भोपाल शिक्षा समिति के लाल सिंह भाटियों का खेड़ा, क्षत्रिय सेवा संस्थान के बलवीर सिंह बाबरा ,जौहर स्मृति संस्थान के शक्ति सिंह मुरलिया ,महिला उपाध्यक्ष निर्मला कंवर राठौड़, तेजपाल सिंह खोर, गजराज सिंह बराड़ा ,गोवर्धन सिंह भाटियों का खेड़ा, रणजीत सिंह डगला का खेड़ा, दलपत सिंह तिलोली, जयपाल सिंह शक्तावत, टीकम पाल सिंह शक्तावत, वीरेंद्र सिंह चित्तौड़ खेड़ा, उदय सिंह सिंह सिंघोला, श्याम सिंह हाडा, भूपेंद्र सिंह भाटी, अजय सिंह खोर, रणजीत सिंह झालरा, गजराज सिंह झाडोली, नरोत्तमसिंह सोलंकी, हंसराज सिंह पवार, देवेंद्र सिंह बराड़ा, नरेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह मीनाना अन्य समाज जन उपस्थित रहे साथ ही रणजीत सिंह डगला का खेड़ा तेजपाल सिंह खोर एवं शक्ति सिंह मुरलिया ने अपने विचार रखें। संचालन पुष्पेंद्र सिंह चौथपुरा ने किया।