कसरावद। शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा के शुभ अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के आह्वान पर 'गृहे गृहे गायत्री यज्ञ उपासना' अभियान अंतर्गत कसरावद तहसील क्षेत्र के पांच हजार घरों में एक साथ एक समय पर एक कुंडीय गायत्री यज्ञ संपन्न हुए। इसमें सभी परिवारों ने अपने घर पर स्वयं ही यज्ञ कर आहुतियां समर्पित कीं। इसके लिए गायत्री परिजनों ने कार्यक्रम के पूर्व ही संक्षिप्त हवन विधि संबंधी पर्चे घर-घर वितरित किए थे। ज्ञात हो कि अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा विगत वर्षों से वायुमंडल की शुद्धि, प्रकृति एवं पर्यावरण के शोधन तथा वातावरण में व्याप्त हानिकारक जीवाणुओं एवं विषाणुओं के नाश के लिए यह विश्वव्यापी प्रयोग किया जा रहा है। इसी तारतम्य में बुद्ध पूर्णिमा के दिन भारत सहित विश्व के 100 देशों के लगभग 25 लाख घरों में एक साथ गायत्री यज्ञ में आहुतियां दी गईं।
गायत्री परिवार तहसील संगठन कसरावद के संयोजक एवं अध्यापक संजय शर्मा ने बताया कि प्राणीमात्र के कल्याण एवं संपूर्ण विश्व में सुख, शांति और समृद्धि की कामना से यह आध्यात्मिक अनुष्ठान वैश्विक स्तर पर संपन्न किया गया। उन्होंने बताया कि यज्ञ ही संपूर्ण ब्रह्मांड की धुरी है। यज्ञ के द्वारा ही देवताओं को भी प्रसन्न किया जा सकता है। यज्ञ एक प्रकार की चिकित्सा भी है। यज्ञ में डाली गई औषधियों के धुम्र से अनेकों रोगों से छुटकारा मिलता है। इस तरह यज्ञोपैथी को अपनाकर हम अपने जीवन को सुखमय बना सकते हैं।