नीमच। नीमच शहर को पेयजल की पूर्ति करने वाले जाजू सागर डेम के डूब क्षेत्र में होने वाली खेती को बढ़ावा देकर नीमच नगर पालिका के जनप्रतिनिधि एवं जिम्मेदार अधिकारी नीमच शहर की जनता के साथ कुठाराघात कर रहे हैं। यह बात प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूर्व पार्षद एवं एडवोकेट अमित शर्मा द्वारा कही गई।
अमित शर्मा द्वारा विज्ञप्ति के माध्यम से बताया गया कि वर्तमान समय में जाजू सागर डेम में मात्र 11 फीट पानी ही शेष है और आने वाले समय में नीमच शहर के लिए भीषण पेयजल संकट खड़ा हो सकता है। ऐसे में डूब क्षेत्र में खेती होने के कारण डेम से लगातार पानी चोरी किया जाता रहा है और वर्तमान में भी नीमच शहर को पेयजल आपूर्ति करने वाले डेम से लगातार अवैध खेती के लिए पानी चोरी हो रहा है। शर्मा ने आरोप लगाया कि नीमच नगर पालिका के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की मिली भगत के चलते हैं डूब क्षेत्र में लगातार अवैध खेती हो रही है और नीमच शहर के लिए पेयजल हेतु आरक्षित डेम के पानी का प्रयोग लगातार अवैध खेती के लिए किया जा रहा हैं। सुनने में तो यह तक आया है कि नीमच नगरपालिका के जिम्मेदार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा डूब क्षेत्र में अवैध खेती करने वालों से सांठ गांठ कर प्रति बीघा के मान से अवैध राशि अर्जित भी कर ली है ! इस कारण नीमच नगर पालिका के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी भी अवैध खेती के विरुद्ध कार्यवाही करने से कतरा रहे हैं। जिस प्रकार से जिम्मेदार अधिकारी एवं नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों द्वारा मिली भगत कर अवैध खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है उससे यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में यदि जाजू सागर डेम पूर्ण रूप से नहीं भरता है तो नीमच शहर की जनता को पीने के पानी के लिए भी संघर्ष करना पड़ेगा। शर्मा ने विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि आने वाले मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर महोदय से मिलकर उन्हें ज्ञापन प्रेषित कर अवैध खेती को नष्ट करने एवं नीमच शहर की जनता के लिए पेयजल हेतु आरक्षित डेम से पानी चोरी रोकने के लिए आवेदन दिया जाएगा और यदि फिर भी उचित कार्रवाई नहीं हुई तो मामले को न्यायालय में ले जाया जाएगा ।