नीमच। विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं का मूड जानने के लिए वॉईस ऑफ एमपी की चुनावी यात्रा नीमच, मंदसौर व रतलाम जिले के नगर-नगर व गांव-गांव पहुंच रही है। इसी कड़ी में वॉईस ऑफ एमपी की चुनावी यात्रा मंदसौर जिले की सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के शामगढ़ पहुंची। यहां स्थानीय झंडा चौक पर वॉईस ऑफ एमपी की टीम ने बीजेपी व कांग्रेस के पदाधिकारियों से अब तक हुए विकास व विकास के वादों को लेकर चर्चा की। साथ ही इस चुनाव में मतदान करने से पहले मतदाताओं का मूड भी जाना।
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स्वास्थ्य, शिक्षा व बेरोजगारी के मुद्दे पर फेल-
भारतीय जनता पार्टी की शिवराज सरकार व मंत्री हरदीप सिंह डंग से जनता त्रस्त हो चुकी है। समूचा प्रदेश आज भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। बीजेपी के नेता 50 प्रतिशत कमिशन के बिना कोई काम नहीं कर रहे हैं। मंत्री डंग के विधानसभा क्षेत्र का एक गांव है आंक्या इस गांव में आज तक सड़क नहीं पहुंची है। पूरे गांव के लोगों ने एक साथ कांग्रेस की सदस्यता ली है। भाजपा के लोग विकास के झूठे दावे करते हैं। जबकि जमीनी स्तर पर हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग है। विधानसभा क्षेत्र के ग्राम में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। पक्की सड़कों व बिजली की समस्या है। आज भाजपा के लोग जिन योजनाओं की बात कर रहे हैं वे योजनाएं कमल नाथ की सरकार के समय मंजूर हुई थी। पेयजल व सिंचाई योजना भी कमल नाथ की देन है। मंत्री डंग जब कांग्रेस में थे तब व गो माता की बात करते थे, लेकिन आज वे ही गो माता को भूल गए हैं। पूर्व में जब क्षेत्र में कांग्रेस की सरकार थी तब अनेकों विकास कार्य हुए। आज सिर्फ मंत्री डंग व भाजपा के नेताओं का विकास हो रहा है। स्वास्थ्य, शिक्षा व बेरोजगारी के मुद्दे पर वर्तमान सरकार फेल है। क्षेत्र का शिक्षित युवा बेरोजगार है। युवाओं के पास बाहर जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उच्च शिक्षा के लिए भी विद्यार्थियों को अन्य नगरों व शहरों की ओर रूख करना पड़ता है। प्रदेश के बच्चे दिन-रात मेहनत कर पढ़ाई करते हैं। लेकिन जैसे ही वे पटवारी का एग्जाम देने जाते हैं उससे पहले ही परीक्षा का प्रश्न पत्र 10 लाख रूपये में बिक जाता है। भाजपा की शिवराज सरकार युवाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। अल्प वर्षा से किसानों की फसलें पूर तरह से बर्बाद हो चुकी है। लेकिन खुद को किसान का बेटा कहने वाले सीएम शिवराज ने अब तक मुआवजे का ऐलान नहीं किया है। जबकि कांग्रेस के कमल नाथ ने बिना सर्वे के किसानों को मुआवजा बांटा था। हरदीप सिंह डंग जैसे बिकाउ नेताओं ने कमल नाथ सरकार को गिराया था। आज प्रदेश का मतदान एक बार फिर कमल नाथ की सरकार बनाने जा रहा है।
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विधानसभा क्षेत्र में चहुंमुखी विकास हुआ-
प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश लगातार उन्नति कर रहा है। कल जिस राज्य को बिमारू राज्य के नाम से पहचाना जाता था वह आज एक विकसित प्रदेश की श्रेणियों में खड़ा है। मंत्री हरदीप सिंह डंग ने विधानसभा क्षेत्र में अनेकों विकास कार्य किए हैं। शामगढ़ क्षेत्र में आज 2-2 सीएम राईज स्कूल है, जहां विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। 33 करोड़ की लागत से केंद्रीय विद्यालय की बिल्डिंग का निर्माण हो रहा है। नगर परिषद ने भी वार्ड-वार्ड में विकास किया है। 1632 करोड़ की हर घर-हर खेत में पानी पहुंचाने की योजना पूरी हुई है। 21 करोड़ की लागत से शामगढ़ रेलवे स्टेशन को विकसित किया जाएगा। प्रदेश की 230 विधानसभा में सबसे ज्यादा अगर विकास कार्य हुए है तो वह सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में हुए हैं। मंत्री हरदीप सिंह डंग ने
चहुंमुखी विकास किया है। 22-22 करोड़ रूपये की लागत से विधानसभा क्षेत्र के तीनों अस्पतालों का उन्नयन हुआ है। आज 50-50 बिस्तरीय अस्पताल मरीजों के लिए सौगात बना है। क्षेत्र में सड़कों का निर्माण हुआ है। कांग्रेस के दिग्विजय सिंह के शासन काल में बिजली कब आती थी पता ही नहीं चलता था। आज किसानों को 12 घंटे बिजली मिलती है। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति होती है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 10 दिन में कर्जा माफ करने की बात कही थी, लेकिन कर्जा तो माफ नहीं हुआ किसान उलटा डिफॉल्टर हो गया। कांग्रेस की सरकार के समय दिल्ली से 100 रूपये निकलते थे तो हितगा्रही तक पहुंचते-पहुंचते वह 1 रूपया हो जाता था, लेकिन आज भाजपा की नरेंद्र मोदी सरकार के समय दिल्ली से 100 रूपये निकलते हैं तो पूरे 100 रूपये हितग्राही के खातों में सीधे पहुंचते हैं। किसान, व्यापारी सहित सभी वर्ग पीएम, सीएम व मंत्री डंग के कार्यों से संतुष्ट है। उद्योग लगाने के लिए भी जमीनों का आवंटन कर दिया गया है।
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मतदाताओं के बोल-
विधानसभा चुनाव से पहले नेता मतदाताओं से तरह-तरह के वादे करते हैं। लेकिन चुनाव खत्म होते ही वे फिर पलटकर आते ही नहीं है। क्षेत्र में बेरोजगारी एक बहुत बड़ा मुद्दा है। स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में भी समूचा विधानसभा क्षेत्र पिछड़ा हुआ है। इस बार स्थानीय मुद्दों के आधार पर विकासवादी सोच के प्रत्याशी को अपना मत देकर विजयी बनाएंगे। प्राकृतिक आपदा ने किसानों की कमर तोड़ दी है। चुनावी साल में सीएम घोषणाओं पर घोषणाएं कर रहे हैं, लेकिन अन्नदाता के लिए अभी तक भी मुआवजे का ऐलान नहीं किया गया है।