नीमच। नीमच विधानसभा में भाजपा कार्यकर्ताओं के छोटे-छोटे काम भी समय पर नही हो रहे तो कार्यकर्ता कैसे जनता के बिच में वोट मांगने जाएगा। सत्ता होने के बावजूद रातदिन पार्टी का काम करने वाले कार्यकर्ताओं के काम नही हो रहे और विधायक और भाजपा जिला अध्यक्ष ये बोल देते हैं कि कलेक्टर और एसपी हमारी नही सुन रहे हैं। आज कल ये दर्द भाजपा कार्यकर्ताओं के दिलों से होता हुआ जुबान तक आ रहा हैं।
चौराहे पर चर्चा करते हुए भाजपा कार्यकर्ता बाते करते हुए दिखते हैं कि कार्यकर्ता केवल झन्डे बेनर तोकने के लिए हैं। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जा रहे है वैसे-वैसे भाजपा संगठन से जुड़े कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी नाराज होकर चुनाव की घोषणा से पहले अपने गुस्से का गुबार निकालने का मन बना रहे है। अंदर खानों की खबर यह है कि नीमच विधानसभा क्षेत्र से जुड़े कई भाजपा कार्यकर्ता विभागो में अटके पड़े अपने न्यायोचित प्रकरण पर प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की अनदेखी से आहत है। जिसको लेकर कई बार भाजपा जिलाध्यक्ष पवन पाटीदार, विधायक दिलीप सिंह परिहार और भाजपा के प्रमुख नेताओं को अवगत भी करवा चुके है लेकिन न तो सत्ता की सुनी जा रही है और न संगठन की।
सूत्रों की माने तो भाजपा कार्यकर्ता इतने परेशान है कि अब किस दर पर जाकर सिर पटके। ऐसे में भाजपा से जुड़े नीमच विधानसभा क्षेत्र के दर्जन भर पदाधिकारी अपने पदों से इस्तीफा देने का मन बना रहे है। कार्यकर्ताओं के मन की ठसक शनिवार को मुख्यमंत्री शिवराज के भादवामाता कार्यक्रम में दिखाई दी। जिसमें कार्यकर्ताओ ने लोगो को लाने की मेहनत नही की जिसके कारण पहले ही बसे कम मंगवाई गई, उसमें भी आधी से ज्यादा बसे खाली पहुंची। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और भाजपा नेताओ के एक ही भाषण को कई बार सुनने के बाद कार्यकर्ता अपने मन की बात कहना चाहते है। कई बार भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को कार्यकर्ताओं ने कहा भी की हम आपकी बाते सालों से सुन रहे है कभी फुर्सत निकाल कर हमारी भी सुन लीजिए, लेकिन भाजपा संगठन के लोग सुनने को राजी है और न ही क्षेत्रीय विधायक दिलीपसिंह परिहार सुनने तैयार है ऐसे में भाजपा कार्यकर्ताओ की नाराजगी चुनावी ऐलान के पहले सामने आने के आसार है। जिसमें कई पदाधिकारी अपने इस्तीफे भाजपा संगठन को सौंप सकते है। माना जा रहा है कि भाजपा एक मोर्चा के जिला पदाधिकारी ने तो पहले ही चेतावनी दे रखी है कि समय रहते कार्यकर्ताओं के मन बात नहीं सुनी तो चुनाव से पहले वो भी इस्तीफा दे देंगे।