इंदौर। विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण के बाद विरोध का दौर जारी है। इंदौर के दर्जनभर नेता बाहरी सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। स्थानीय को मौका नहीं मिलने पर वहां विरोध का शोर है। मालवा निमाड़ की 66 में से 20 सीटों पर बाहरी उम्मीदवार हैं।
इंदौर निवासी पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटवा 217 किलोमीटर दूर भोजपुर से चुनाव लड़ रहे हैं। जावद से कांग्रेस के उम्मीदवार समंदर पटेल घर से 274 किमी दूर जाकर चुनाव लड़ रहे हैं। मनासा में पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा का भी विरोध इसी कारण है तो रतलाम ग्रामीण में कांग्रेस प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह डिंडोरे का भी बाहरी बताकर विरोध हो रहा है। भाजपा से कांग्रेस में आए भंवरसिंह शेखावत इंदौर से 103 किमी दूर बदनावर से चुनाव लड़ेंगे। इंदौर से राजनीति शुरू करने वाले विपिन वानखेड़े भी 127 किमी दूर आगर से उम्मीदवार हैं। महेश्वर (93 किमी) में भी इंदौर के राजकुमार मेव भाजपा के उम्मीदवार हैं।
इंदौर की 6 सीटों के अलावा सांवेर, महू, देपालपुर जाकर भी लड़ रहे
मंत्री उषा ठाकुर महू जाकर दूसरा चुनाव लड़ रही हैं। यहां भाजपा से कांग्रेस में आए रामकिशोर शुक्ला का दरबार समर्थकों द्वारा विरोध ही इस बात का था कि स्थानीय उम्मीदवार को टिकट दिया जाए। देपालपुर के दोनों प्रत्याशी (कांग्रेस से विशाल पटेल, भाजपा से मनोज पटेल) इंदौर के हैं। इस पर कांग्रेस के स्थानीय नेता और इंदौर दुग्ध संघ के अध्यक्ष मोती सिंह ने स्थानीय का मुद्दा चलाया तो भाजपा में जबरेश्वर सेना के राजेंद्र चौधरी ने खुलकर भाजपा कार्यालय पर हंगामा किया और अब निर्दलीय लड़ने की घोषणा भी कर दी है। सोनकच्छ में कांग्रेस से सज्जन सिंह वर्मा, भाजपा से राजेश सोनकर इंदौर के हैं।
सोनकर का विरोध भी बाहरी नेता के नाम पर हुआ।
सांवेर से चुनावी मैदान में मंत्री तुलसी सिलावट तो कांग्रेस से रीना सेतिया भी इंदौर की हैं। हालांकि यहां विरोध दोनों दलों में नहीं है। महेश्वर में राजकुमार मेव जाकर चुनाव लड़ रहे हैं। यहां भी टिकट घोषणा के पहले ही दिन पुतला जलाया गया। जावद में पहले निर्दलीय अब कांग्रेस के टिकट से लड़ रहे समंदर पटेल भी रहते इंदौर में हैं। यहां भी विरोध के सुर थमे नहीं हैं। कार्यकर्ताओं में जमकर नाराजी है।
इन 5 सीटों पर भी विरोध, इनमें तीन पूर्व मंत्री
मनासा पूर्व मंत्री कैलाश चावला और पूर्व विधायक विजेंद्र सिंह मालाहेड़ा ने भाजपा उम्मीदवार अनिरुद्ध मारू का विरोध कर दिया है। चावला ने कहा पार्टी उम्मीदवार नहीं बदलती तो क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार उतारा जाएगा। मनावर पूर्व मंत्री रंजना बघेल का कहना है दूसरे पूर्व मंत्रियों को टिकट दिया तो हमें क्यों नहीं। वे नामांकन फॉर्म ला चुकी हैं। भाजपा से ही फॉर्म भरूंगी उज्जैन उत्तर पूर्व मंत्री पारस जैन ने सोशल मीडिया पर लिखा उज्जैन उत्तर से छह बार के विधायक और एक वरिष्ठ कार्यकर्ता होने के नाते मुझसे एक बार पूछा जाता या मुझे विश्वास में लेकर बताया जाता तो मेरे सम्मान को इतनी ठेस नहीं पहुंचती। धार भाजपा कार्यकर्ताओं ने नीना वर्मा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वरिष्ठ नेता अनंत अग्रवाल ने कहा कि 9 चुनाव तो विक्रम वर्मा ने लड़े। अब चार बार से उनकी पत्नी। बुरहानपुर पूर्व सांसद और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष के बेटे यशवर्धन ने कहा- याचना नहीं अब रण होगा। उन्होंने कहा दशहरे के बाद फैसला लूंगा, जैसा जनता कहेगी वहीं करूंगा। यहां से पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस और कांग्रेस से सुरेंद्र सिंह शेरा मैदान में हैं।