इंदौर। ये राम को श्काल्पनिकश् मानने वाले अब जो नकली रामभक्त बन रहे हैं। आज श्बाबरी मस्जिद की पीड़ा उजागर कर अब उन्हें हम नागनाथ कहें या सांपनाथ। यही दो मुहापन है जो जनता के बीच उजागर हो चुका है। कांग्रेस की डर्टी ट्रिक्स मीडिया विभाग के सदर ने सोनिया जी के इशारे पर बाबरी ढांचे को ध्वस्त करने पर उसे शहीदी करार दिया वह उनके छुपे हुए एजेंटे को उजागर करता है।
ये शब्द किसी और के नहीं बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता गोविन्द मालू के हैं। पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राम मंदिर शुभारंभ की तिथि 22 जनवरी जब से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बताया है तब से कांग्रेस की गति सांप छंछूदर जैसी हो गई है। अब वे कभी नकली रामभक्त बनते हैं तो कभी राम मंदिर के होर्डिंग को आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए शिकायत करते हैं। 30 अक्टूबर को गोली चली थी। जिसमें 8 कारसेवकों का बलिदान हुआ था। मौके पर 27 घायल हुए थे जिनमें से 12 की मौत हो गई थी। इन बलिदानियों पर शोक जताने की बजाय कांग्रेस बाबरी ढांचे को शहीदी बता रही है।
मालू ने कही कि न तो वे गोधरा के 65 कारसेवकों के जिन्दा जलाने पर शोक मनाते हैं न गोली चलने पर वे तो टीपू सुलतान की जयंती मनाते हैं और बाबरी ढांचे का मातम। मुगलों के आक्रमण को जायज ठहराते हैं। सनातन विरोधी कांग्रेस इटली के इशारे पर चल रही है। हम राम के होर्डिंग लगाते हैं, कांग्रेस टीपू सुल्तान और बाबर के होर्डिंग लगाए और खुलकर वोट बैंक की राजनीति करें। सनातन व हिन्दू मानबिन्दुओं के साथ छल-कपट न करे। देश का हर भारतीय इसका करारा जवाब देगा। जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अयोध्या में राम जन्म स्थान पर बाबरी मस्जिद बनाने की बात कही तो यह निर्णय लेने में कमलनाथ प्रमुख रूप से शामिल थे। राक्षसी प्रवृत्तियां व सनातन विरोधी ताकतें पापाचार को बढ़ाने की कोशिश करती हैं तो वेष बदलकर आती हैं। रावण सीता हरण में साधु बनकर आया। कसाब कलावा बांधकर मुंबई हमला करने आया था।