नीमच। शहर की बंगला-बगीचा जैसी जटिल समस्या का आज दिन तक स्थाई निराकरण नहीं हो पाया है। इन क्षेत्रों में निवासरत नागरिक सालों से परेशान हो रहे हैं।
शहर के प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि सरकार ने इस जटिल समस्या का अधूरा समाधान कर जनता पर लाखों रूपये के टैक्स थोपे हैं। जबकि इन क्षेत्रों में निवासरत अधिकतर लोग गरीब व मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। इन लोगों के पास सिर्फ मकान व भूमि हैं। जिसके मालिकाना हक के लिए कई वर्षों से यह लड़ाई लड़ रहे हैं। लेकिन अब तक इनकी समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो पाया है। इस बार बंगला-बगीचा का यह मुद्दा विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के लिए चुनौती बनेगा।
कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि भाजपा व सुबे के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने व्यवस्थान के लिए जो नियम बनाए वह क्षेत्रवासियों के लिए सिर का दर्द बने हुए हैं। सरकार को इन नियमों में बदलाव कर जनता को राहत देनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब विधानसभा चुनाव में जनता इस समस्या को ध्यान में रखते हुए ही वोट करेगी। क्षेत्रीय नागरिकों ने बताया कि सालों से समस्या का शत-प्रतिशत समाधान चाहते हैं। सीएम का अधूरा समाधान नासूर बनकर सामने आया है। नपा में काबिज भाजपा के बोर्ड ने शहर की भोलीभाली जनता को वोट के लिए इस्तेमाल किया और चुनाव निपटते ही अपना वादा भूल गए। अब विधानसभा चुनाव में फिर ऐसा ही होने वाला है।
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बंगला-बगीचा क्षेत्र में निवासरत लोगों का दर्द-
‘सरकार के भ्रष्ट अधिकारियों-कर्मचारियों की वजह से यह समस्या सुलझने की बजाय और उलझ गई है। क्षेत्र की राजनीतिक पार्टियां भी इसी समस्या के समाधान की बात को लेकर जनता को हमेशा से ठगती आई है। नगरीय निकाय चुनाव में एक बार फिर जनता को भरोसा दिलाकर वोट बटोरे गए थे। अब विधानसभा चुनाव होना है।- योगेश सैनी, बंगलावासी
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‘इस समस्या का जन्म 1980 के दशक में हुआ था। नगर पालिका व शासन की आपसी लड़ाई में हमेशा से नुकसान जनता का हुआ है। नगर पालिका बंगला-बगीचा क्षेत्रों में निवासरत लोगों से कई सालों से टैक्स लेती आ रही है। लेकिन भूमि पर अधिकार को लेकर क्षेत्र के नागरिक आज भी संघर्ष कर रहे हैं। राजनीतिक पार्टियां भी इस समस्या के समाधान के नाम पर वोट बटोरती है।- रज्जाक भाई, बंगलावासी