भोपाल। एमपी के विधानसभा चुनाव में जातिगत जनगणना,ओल्ड पेंशन स्कीम जैसे मुद्दों को कांग्रेस जोर-शोर से उठा रही है। बीजेपी के लिए चुनावी समय में मुसीबत बनते इन मुद्दों पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने ऐसे सवालों के जवाब दिए। पासवान को मप्र विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी ने भोपाल में तैनात किया है।
पासवान- ये चौलेंज हैं ही नहीं। हम इसे चुनौती के रूप में देखते ही नहीं हैं। हमें एक चीज समझने की जरूरत हैं कि जातिगत जनगणना और सामाजिक न्याय ये पॉलिटिकल विषय नहीं हो सकता है। ये प्रतिबद्धता का विषय है।
देश के इतिहास में पहली बार संविधान के सर्वाेच्च स्थान पर आदिवासी की बेटी बैठी, तो उसके लिए जातिगत जनगणना की आवश्यकता हुई? देश के इतिहास में इतना ताकतवर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। जो ओबीसी समाज के हैं। गरीब परिवार से हैं, सामान्य परिवार में जिसका जन्म हुआ, तो उसके लिए जातिगत जनगणना की आवश्यकता पड़ी? केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बात हो, संगठन की बात हो, सरकारों की बात हो, मैं तो कांग्रेस पार्टी से कहना चाहता हूं।
राहुल गांधी अक्सर कहते हैं कि कितने एडिशनल सेकेट्ररी ओबीसी से हैं? सेक्रेट्री कितने ओबीसी हैं। आपकी चार राज्यों में सरकार हैं, एक भी राज्य में एक भी सेकेट्री ओबीसी समाज का नहीं है। जातिगत जनगणना कर कांग्रेस पार्टी सामाजिक न्याय अचीव करना चाहती हैं, सामाजिक न्याय पर आपका ट्रैक रिकॉर्ड क्या है? आपने बाबा साहब अंबेडकर को अपमानित किया, बाबा साहब अंबेडकर का देहांत 1956 में हुआ। 40 साल बाद गैर कांग्रेसी सरकार आती है। और महापुरूष को भारत रत्न से नवाजा जाता है। इतना लंबा समय लग गया।
दूसरे सबसे सम्मानित दलित नेता बाबू जगजीवन राम उनको आपने अपमानित किया। ओबीसी समाज से कांग्रेस के अध्यक्ष रहे सीताराम केसरी को कांग्रेस कार्यालय में बेइज्जत किया गया। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उनकी धोती खींची, तो आज आप किस नैतिकता के साथ ओबीसी की बात कर रहे हैं? मंडल कमीशन की सिफारिश का विरोध, आपके नेता और भारत सरकार के पूर्व प्रधानमंत्री और नेता विपक्ष सरकार के पटल पर मंडल कमीशन का विरोध कर चुके हैं। काका कालेलकर का मिशन हो, मंडल कमीशन को आपने ठंडे बस्ते में डाल कर रखा था। किस ढंग से आप जातिगत जनगणना या सामाजिक न्याय की बात करते हैं, मेरे समझ से परे हैं।