शिवपुरी। विधानसभा की मतगणना के बाद राजनैतिक गालियारों में चर्चाएं जारी है कि 6 बार के अपराजय पहलवान आखिर चुनाव कैसे हार गए। आपकों बता दें कि इस विधानसभा चुनाव में मप्र की शिवपुरी विधानसभा सबसे चर्चित विधानसभा रही है, जिसकी चर्चा भोपाल से लेकर दिल्ली तक रही।
चुनाव से पहले भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुए कोलारस के पूर्व विधायक वीरेंद्र रघुवंशी शिवपुरी से तैयारी कर रहे थे और टिकिट फाइनल मान रहे थे, लेकिन अंत समय में पिछोर से 6 बार के विधायक रहे केपी सिंह कक्काजू पिछोर छोड़कर शिवपुरी से चुनाव लड़ने पहुंच गए, जिसके बाद रघुवंशी समर्थकों ने भोपाल से लेकर दिल्ली तक दौड़ लगाई थी। लेकिन तमाम कोशिशों के बाद टिकिट में कोई बदलाव नहीं हुआ था। वहीं इसी मामले में कमलनाथ का एक बयान भी वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने दिग्विजय के कपड़े फाड़ने की बात कही थी।
तमाम घटनाक्रम के बाद ज़ब चुनाव परिणाम आया तो कांग्रेस प्रत्याशी केपी सिंह भाजपा के देवेंद्र जैन से करीब 43 हजार से अधिक मतों से चुनाव हार गए, जिससे देवेंद्र जैन की जीत से ज्यादा चर्चाएं केपी सिंह की हार की चल रही है।
जी हां हम बात कर रहे हैं पिछोर विधानसभा क्षेत्र की जहां एक वृद्ध व्यक्ति ने केपी सिंह की वजह से 15 वर्ष पूर्व एक संकल्प लिया था जो उन्होंने शुक्रवार को पूरा किया है। दरअसल 15 वर्ष पूर्व एक वृद्ध व्यक्ति अपनी फरियाद लेकर तत्कालीन विधायक के पास पहुंचा था। जहां फरियाद सुनने की जगह तत्कालीन विधायक ने वृद्ध को चांटा जड़ दिया था, जिसके बाद वृद्ध ने संकल्प लिया था कि जिस दिन केपी सिंह की अति का अन्त होगा तब वह अपना मुंडन करवाएंगे। आज जब केपी सिंह चुनाव हार गए तो बुजुर्ग व्यक्ति ने अपने संकल्प के अनुसार मुंडन करवाया।