झालावाड़। जिले के उपखंड क्षेत्र मनोहर थाना की ग्राम पंचायत सरेड़ी गांव से हरिमोहन मीणा ने बताया कि स्थानीय विद्यालय में एक खेल मैदान है। जिसको विद्यालय के संस्था प्रधान ने विकास के नाम पर फसल बोने के लिए लीज पर दे रखा है। जिससे बच्चो के पास न तो खेल मैदान है न व्यायाम की व्यवस्था है, और न ही दौड़ के लिए मैदान बचा हैं। जबकि जिस मैदान में फसल बोई जा रही है उसी के बीच में बाथरूम बना है। जहां पर बच्चो के साथ दुर्घटना होने की सम्भावना बनी रहती है। अब गांव के बच्चों को खेलने के लिए जगह नहीं मिल रही।
जब गांव के बच्चे विद्यालय परिसर में क्रिकेट खेलने के लिए गए तो अध्यापकों ने कहा कि हमारी सरसों की फसल ख़राब हो जाएगी, कमरों में नुकसान होगा। शौचालय के रास्ते भी सरसों की फसल होने के कारण बच्चो को खड़ी फसल में से निकल कर जाना पड़ता है। अध्यापकों द्वारा खेल ग्राउंड में उगने वाली घास बेची जाती हैं। जब अध्यापकों से इसके बारे में पूछा तो सभी विरोध करने लगे और कहने लगे कि इसके लिए हमने परमिशन ले रखी हैं।