चित्तौड़गढ़। चितौड़गढ़-प्रतापगढ़ दुग्ध उत्पादक संघ डेयरी व किसानों के हित में नए वर्ष में नवाचार करने जा रहा है। जिसके लिए कार्य योजना शुरू कर दी है। इससे कार्यशील पूंजी की दिक्कत नहीं आएगी। दो तीन दिन में ही लो फैट का पनीर भी मार्केट में बेचा जाएगा, इसकी टेस्टिंग कर ली गई है। जबकि जल्द ही व्हाइट बटर भी लॉन्च कर दिया जाएगा। किसानों का दूध का भुगतान लगभग पूरा कर दिया है, विगत दिनों राजनीतिक द्वेषतावश कतिपय विपक्षी दलों द्वारा भ्रामक प्रचार किया गया था। वर्तमान में डेरी का पनीर प्रतिदिन 700 किलो बिक रहा है मार्केट में लो फैट पनीर की मांग होने से इसकी लांचिंग दो- तीन दिन में कर दी जाएगी। घी का स्टॉक नहीं बढ़ेगा इसको लेकर भी डेयरी ने कार्य योजना तैयार कर ली है।
चित्तौड़ डेयरी के चेयरमैन बद्री जगपुरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विजन 2024 के तहत कई नई शुरुवात करने जा रहे हैं। इसके तहत डेरी में दूध टेस्टिंग की आधुनिक एफटी वन मशीन खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। बीएमसी पर डाटा सुरक्षित करने के लिए 200 डाटा लोगर दिए जाएंगे, और 150 ऑटोमेटिक मिल्क कलेक्शन यूनिट, व पोर्टेबल बी आर टेस्ट मीटर करीब ढाई सौ समितियां को दिए जाएंगे। इसके अलावा 55 समितियां को इलेक्ट्रॉनिक मिल्क अंडरट्रैक्शन टेस्टिंग मशीन भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने पता है कि एक के अंतर्गत आर्टिफिशिया मशीन भी ऑर्डर की गई है। यह सभी प्रोजेक्ट करीब सवा 19 करोड रुपए के हैं, जिनमे 11 करोड़ 64 लख रुपए की सब्सिडी मिलेगी। अब चित्तौड़ डेयरी व्हाइट बटर बनाएगी। वर्तमान में 1050 टन घी का स्टॉक हो गया है। साथ ही 750 टन पाउडर का स्टॉक है। वर्तमान में डेयरी में करीब 80 करोड रुपए का स्टॉक है, इससे डेयरी की कार्यशील पूंजी काफी अटक गई है। घी के मूल्य भी आरसीडीएफ तय करता है और डीलर के माध्यम से ही बिक्री होती है। वहीं व्हाइट बटर की मांग लगातार रहती है और डेयरी सीधे पोर्टल पर ई ऑक्शन कर के भी बेच सकती है। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में पशुओं के रखरखाव और दूध की गुणवत्ता के लिए दुग्ध पालक किसानों को प्रशिक्षण के लिए शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।