चित्तौड़गढ़। प्रदेश में कल भजनलाल सरकार ने मंत्रियों को उनके विभाग सौंप दिए। उसके दूसरे दिन ही बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। भारतीय प्रशासनिक सेवा के 72 अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया गया। इसके अलावा राजस्थान प्रशासनिक सेवा के भी 121 अधिकारियों का ट्रांसफर लिस्ट देर रात को जारी किया गया। इस लिस्ट में चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्टर और एडीएम प्रशासन का भी ट्रांसफर हुआ है। अब आईएएस आलोक रंजन चित्तौड़गढ़ के 50वें कलेक्टर होंगे। वहीं, आईएएस गौरव अग्रवाल यहां 94 दिन जिला कलेक्टर के रूप में रहे। पिछली सरकार में 8 और नई सरकार में पहली बार जिला कलेक्टर बदले गए।
नई सरकार बनते ही प्रशासनिक अधिकारियों का भी तबादला शुरू हो गया है। एक बार फिर जिले के मुखिया को बदल गया। आईएएस आलोक रंजन अब चित्तौड़गढ़ के नए और 50वें जिला कलेक्टर होंगे। उन्हें झालावाड़ से चित्तौड़गढ़ लाया गया है। इसी तरह आरएएस राकेश कुमार- I को सीकर से चित्तौड़गढ़ में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) के रूप में लगाया गया है। वहीं, चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्टर आईएएस गौरव अग्रवाल का जोधपुर और चित्तौड़गढ़ एडीएम (प्रशासन) आरएएस अभिषेक गोयल का बांसवाड़ा में ट्रांसफर कर दिया गया है।
पिछले अशोक गहलोत सरकार के समय 5 सालों में आठ जिला कलेक्टर बदले गए थे। 75 साल की इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ था कि किसी सरकार के 5 साल में इतनी बार जिले का मुखिया बदल गया। साल 2018 में जब गहलोत सरकार बनी तो उस समय जिला कलेक्टर आईएएस इंद्रजीत सिंह थे। उसके बाद शिवांगी स्वर्णकार, चेतन देवड़ा, केके शर्मा और ताराचंद मीणा को हर 9 महीने में बदल गया। इसके बाद आईएएस अरविंद पोसवाल को जिला कलेक्टर का पद सौंपा गया। अरविंद पोसवाल यहां चित्तौड़गढ़ में गहलोत सरकार में सबसे ज्यादा डेढ़ साल तक टिके। उनका ट्रांसफर होने के बाद पीयूष सामरिया को यह कमान सौंपी गई। पीयूष सामरिया ने 16 जुलाई को ज्वाइन किया था और सिर्फ 78 दिन में ही उनका ट्रांसफर कर दिया गया। उनकी जगह आचार संहिता से जस्ट पहले आईएएस गौरव अग्रवाल को जिला कलेक्टर के रूप में लगाया गया। गौरव अग्रवाल का ट्रांसफर को 2 अक्टूबर को चित्तौड़गढ़ के किया गया था और उन्होंने 4 अक्टूबर को ज्वाइन किया था। ज्वाइनिंग के लगभग 94 दिन बाद फिर से एक बार उनका ट्रांसफर हो गया। पीयूष सामरिया और गौरव अग्रवाल का कार्यकाल सबसे काम रहा है।
आलोक रंजन 2013 बैच के आईएएस ऑफिसर है। वह अब तक 13 अलग-अलग पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। आलोक रंजन को अभी चित्तौड़गढ़ की कमान संभाल सौंपी गई है। चित्तौड़गढ़ से पहले वह झालावाड़ कलेक्टर, भरतपुर कलेक्टर, ऊर्जा विभाग में जॉइंट सेक्रेटरी, राजस्थान सर्विस कॉर्पोरेशन में मैनेजिंग डायरेक्टर, जयपुर डवलपमेंट ऑथोरिटी में सचिव, प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजस्थान एग्रीकल्चर काम्पेटिटिवनेस प्रोजेक्ट जयपुर, डूंगरपुर कलेक्टर, जयपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के सीईओ, जयपुर जिला परिषद सीईओ, एसडीएम जोधपुर, मिनिस्ट्री ऑफ शिपिंग न्यू दिल्ली में असिस्टेंट सेक्रेटरी और बीकानेर में असिस्टेंट कलेक्टर अंडर ट्रेनिंग रह चुके हैं। आलोक रंजन ने इलेक्ट्रिकल्स में इंजीनियरिंग किया हुआ है और बांसवाड़ा उनका होम टाउन है।