चित्तौड़गढ़। अपना जीवन आनंदमय बनाने के लिए हमें प्रकृति के अनुरूप जीवन जीने के लिए चेतना जागृत करनी होगी हम ऐसी महान गुजरती हुई संतान है जहां विदेशी परिंदे की प्रतिनिधि के लिए मन मस्तिष्क से किसी भी तरह का भेदभाव निकाल के मां भारती के प्रति एकता की अनुभूति करें भारत की गौरवमय विरासत और चेतना की अनुभूति आज पूरा विश्व कर रहा है भारतीय संस्कृति नहीं दुनिया को वसुदेव कुटुंबकम और सर्व सुखी ने भवंतु की का संदेश दिया।
ये विचार रविवार को जन चेतना मंच राजस्थान के गणगोर गार्डन में आयोजित संभागीय अधिवेशन एवं प्रांतीय टीम बैठक में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कुटुंब प्रबोधन प्रमुख रविंद्र शंकर जोशी ने व्यक्त किए। अधिवेशन के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक कविवर नन्दलाल जोशी थे।
अधिवेशन में विभिन्न विषयों पर प्रस्ताव पारित किए गए। सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाली संस्थाओं का भी सम्मान किया गया।
मुख्य वक्ता रविंद्र शंकर जोशी ने भारतीय संस्कृति के विविध गौरवमय पहलुओं की व्याख्या करते हुए इस बात पर खुशी जताई की जनचेता मंच जैसी संस्था सामाजिक चेतना जागृत करने के लिए अनुकरणीय कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हम खुद को भूल रहे हैं और विचारों में भी भ्रांति आ गई है। हम क्रांतिकारियो को याद नहीं करते पर हमारी संस्कृति के विपरीत जन्मदिन पर केक काटना नहीं भूलते है। जोशी ने परिवार में रात्रि विवाह नहीं करने का संकल्प दिलाते हुए कहा कि भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा दिन में हो रही है। कोई भी शुभ कार्य अभिजीत मुहूर्त में होना चाहिए। अपने घर को सेवालय बना ले तो वृद्ध आश्रम की जरूरत ही नहीं रहेगी। हम अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित करें कम से कम 8 घंटे की नींद ले और प्रतिदिन पांच प्रकार की फल सब्जी का उपयोग करें। हम तकनीक से जुड़े रहे पर उपयोग में संयम रखें और हमारा स्क्रीन टाइम दिन में अधिकतम 2 घंटे होना चाहिए। जीवन का लक्ष्य हासिल करने के लिए डिसीजन, डिसिप्लिन ओर डिटरमिनेशन होना जरूरी है। पर्यावरण मित्र बनते हुए अपनी सेहत के लिए भी जागरूकता रखे और प्रतिदिन टहलना नहीं भूले। उन्होंने कहा कि हमारे विचारों और भावनाओं के बिना चेहरे पर सच्चे सुखी अनुभूति नहीं कर सकते। जोशी ने कहा कि 22 जनवरी हमारे लिए गौरवमय दिवस है क्योंकि इस दिन 500 वर्षों बाद अयोध्या में मंदिर में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा होंगी। भगवान राम केवल हमारे ही नहीं पूरे संसार के मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि हमें ऐसा जीवन जीना है जो धर्ममय हो और धर्म तभी होगा जब हमारे जीवन में शुचिता, करुणा, सत्य और तप का समावेश होगा। वर्तमान में जमाना धन के पीछे भाग रहा है जबकि जरूरत धर्म के पीछे भागने की है। केरियर के साथ चरित्र का भी निर्माण होना चाहिए। हर युवा सोच की केरियर के साथ अपने देश के लिए क्या कर सकता है। दोनों के बीच संतुलन कायम करना होगा। फूड फ्रीडम के साथ विजडम का भी समावेश हो। आधी रात तक खान की पराधीनता की नई श्रंखला को हमें तोड़ना होगा। उन्होने कहा कि विवेक के साथ भोजन करें और हमारी हर बात विवेकपूर्ण सोच पर आधारित होनी चाहिए। विज्ञान तकनीक व आध्यात्मिकता के मध्य समन्वय कायम करने पर ही यह सृष्टि सुरक्षित रह पाएंगी।
समारोह में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक कविवर नन्दलाल जोशी ने काव्यमय सम्बोधन में कहा कि हमें उसे मूल चेतना को जागृत करना है जिससे सारी सृष्टि चलती है। मनुष्य सबसे विलक्षण होने के साथ उसके दायित्व भी गजब के है। सृष्टि को अनवरत चलाने में अहम भूमिका है। वर्तमान में विज्ञान भी आध्यात्मिकता की तरफ जा रहा है और आध्यात्मिक शक्ति की अनुभूति वैज्ञानिक भी कर रहे हैं। दुनिया की कई देशों में वैज्ञानिक प्रयोगशाला में परम चेतना को समझने के लिए देवों के देव महादेव की मूर्ति रखी जा रही है।उन्होंने कहा कि हमारे ऋषि मुनियों में विज्ञान की अद्भुत समझ थी। वह परमाणु विखंडन के बारे में जानते थे। उन्होंने कहा कि हमारा पंथ, जाति, भाषा कुछ भी हो सकती है पर हम सब भारतीय हैं इस दिव्य चेतना की अनुभूति करनी होंगी। पंथ को धर्म मानना गलत है। व्यापक धर्म चेतना को भारतीय मनीषा कहा गया है। सभी आनंद के साथ जिये और विकृतियों को आने से रोके। उन्होंने चित्तौड़ की धरा को भाग्यशाली एवं गौरवमय विरासत का प्रतीक बताते हुए कहा कि हम संकल्पित रहे की अपनी चेतना को बंद नहीं होने देंगे। जोशी ने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम राजनीतिक नारा नहीं बल्कि भारतीय मनिषियो के ज्ञान का सूत्र है जिसे आज सारी दुनिया मान रही है। मूल चेतना हम सब की एक है यह कभी नहीं भूलना चाहिए। हमें राग द्वेष से पर होकर चेतना जागृत करनी है और मन में प्रेम का भाव रखना है।
प्रारंभ में जन चेतना मंच राजस्थान के संस्थापक अध्यक्ष डॉ आई एम सेठिया ने व्यक्तिव विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम- चुनोतियों के लिए बदलाव विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि जमाना बदल रहा है और हमें भी उसके साथ बदलना होगा। अब सब काम ऑनलाइन हो रहे हैं और मजदूर की जगह मशीन लेने लगी है। किसी की आलोचना करने से काम नहीं चलेगा। हमे खुद को चुनौतियां स्वीकार करने के लिए तैयार करना होगा और परिवर्तन के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना सीखना होगा।हमें जागरुक होने के साथ खुद का भी विकास करना होगा। उन्होंने कहा कि शत प्रतिशत मतदान हमारा मुख्य लक्ष्य है जिसके लिए निरंतर चेतना जागृत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जन चेतना मंच के प्रांतीय अध्यक्ष हेमंत शर्मा ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी देने के साथ अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि ओर मुख्य वक्ता का परिचय व स्वागत उद्बोधन जनचेतना मंच राजस्थान के प्रांतीय महामंत्री दिनेश खत्री ने प्रस्तुत किया।
अंत में आभार मंच की महिला शाखा अध्यक्ष कल्याणी दीक्षित ने जताया। कार्यक्रम में जनचेतना मंच के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष ऋषभ सुराणा, मीरा स्मृति संस्थान के अध्यक्ष एस एन समदानी, बलवन्तसिंह सिसोदिया भी मंचासीन रहे।
दो सत्र में हुए अधिवेशन में चित्तौड़गढ़ जिले के साथ जयपुर, भीलवाड़ा, उदयपुर, प्रतापगढ़, बेगूं, कपासन, अजमेर, आदि स्थानों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
संचालन मंच के प्रांतीय महामंत्री दिनेश खत्री ओर जिला महामंत्री एडवोकेट रजनीश पितलिया ने किया। इस अवसर पर मंच के नए सदस्यों का भी स्वागत किया गया। इस अवसर पर कवि अब्दुल जब्बार, शिक्षाविद इंद्र लाल आमेटा, स्काउट सीओ चंद्र शेखर श्रीवास्तव, इंजीनियर भागवत सिंह तंवर, रतन लाल बोहरा, ओम प्रकाश खटोड़, दिनेश खंडेलवाल, राजेंद्र सोमानी, शिव नंदवाना, जय प्रकाश भटनागर सहित कई गणमान्य बंधु उपस्थित थे।
अधिवेशन में विभिन्न विषयों पर प्रस्ताव पारित-
जनचेतना मंच राजस्थान के संभागीय अधिवेशन में सामाजिक और राजनीतिक चेतना से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें शत प्रतिशत मतदान संकल्प अभियान विषय पर प्रस्ताव का वाचन दिनेश खण्डेलवाल ने, अपराध मुक्त एवं सशक्त आर्थिक राजस्थान की परिकल्पना विषय पर प्रस्ताव का वाचन नगर अध्यक्ष राधेश्याम लड्ढा ने, चित्तौड़गढ़ का एतिहासिक परिदृश्य के अनुरूप विकास-चुनोतियाँ एवं समाधान विषय पर प्रस्ताव का वाचन डॉ विनय शर्मा ने एवं राममय सांस्कृतिक चेतना की जागृति विषय पर प्रस्ताव का वाचन भीलवाड़ा से पधारे प्रांतीय मंत्री लोकेश व्यास ने किया। उपस्थित सदस्यो ने प्रमुख सुझावों के साथ अनुमोदन किया।
सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाली संस्थाओं का सम्मान-
जनचेतना मंच के संभागीय अधिवेशन में अतिथियों ने सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाली संस्थाओं के अध्यक्ष एवं पदाधिकारीयो का सम्मान किया। इनमें मीरा स्मृति संस्थान के अध्यक्ष सत्यनारायण समदानी, वरिष्ठ नागरिक मंच के अध्यक्ष राधेश्याम आमेरिया, जिला पेंशनर समाज के अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण दशोरा, चिकित्सा सेवा समिति के अध्यक्ष सत्यनारायण ईनाणी, चित्तौड़ी आठम समिति के अध्यक्ष मुकेश नाहटा सहित सभी के प्रमुख पदाधिकारीगण शामिल थे।