मनासा। तहसील के गांव देवरी खवासा में राठौर पाटगुवार परिवार के द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन रखा गया। जिसमें कथा वाचक श्री जयमाला वैष्णव निलियाकुण्डला वाले के मुखरविन्द की जा रही हैं।
कथा के दौरान श्री जयमाला वैष्णव ने कहा कि जिनके माता पिता नही होते उन्हें बड़े संकटो से गुजरना पड़ता हैं। इसलिए जीते जी, माता-पिता की सेवा करनी चाहिए। बाद में पछताना ही रह जाता हैं। कथा के छठे दिन रुक्मणी विवाह का प्रसंग बड़े ही धूमधाम से हुआ। भगवान कृष्ण ने रुक्मणी का हरण किया किया। हरण वरमाला हुई उसके बाद विवाह सपंन्न हुआ। विवाह में समस्त ग्रामवासियों द्वारा बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।