खरगोन। अयोध्या में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को अब केवल दो दिन बचे हैं। सभी देशवासी इस महोत्सव को पर्व के रूप में मना रहे हैं। कई लोग अपने-अपने स्तर से इस ऐतिहासिक तारीख को यादगार बनाने में जुटे हैं। वहीं खरगोन जिले के बड़वाह में एक दिव्यांग चित्रकार ऐसा भी है, जिसने अयोध्या के भव्य राम मन्दिर को अपने पैरो से ब्रश के सहारे उकेरा हैं।
इस पेंटिंग को बनाने में चित्रकार आयुष कुंडल को करीब 8 दिन लगे। बड़ी तल्लीनता के साथ उसने इस पेंटिंग को मूर्त रूप दिया। यह पेंटिग भगवान राम के प्रति आस्था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार का प्रतीक है। इस पेंटिंग में आयुष ने अयोध्या में बन रहा भव्य मन्दिर तो दर्शाया ही है। इसके साथ ही मन्दिर में प्रवेश करते राम-लक्ष्मण, सीता भी दिखाए हैं। वहीं द्वार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खड़ा कर स्वागत की मुद्रा में दर्शाया है। आयुष की ईच्छा है कि यह पेंटिंग वह मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव को भेंट करें। इसके लिए कलाकार आयुष की माताजी ने मुख्यमंत्री कार्यालय पर पत्र भेजकर समय भी मांगा है।
उल्लेखनीय है कि 25 वर्षीय आयुष बचपन से ही सेरेब्रेल पाल्सी जैसी गम्भीर बीमारी से ग्रसित है। वह बोलने, चलने यहां तक की बैठने में भी असमर्थय है। लेकिन अपने पैरांे से वह कमाल की चित्रकारी करते हैं। अब तक वे करीब एक हजार से अधिक पेंटिंग बना चुके हैं। उनकी पेंटिंग की प्रदर्शनी इंदौर एवं अन्य शहरों में भी लगाई जा चुकी है। उनकी इस चित्रकारी की प्रतिभा के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर महानायक अमिताभ बच्चन भी मुरीद है। वर्ष 2022 में तो प्रधानमंत्री ने पीएमओ ऑफिस में मुलाकात कर आयुष की काफी तारीफ भी की थी। साथ ही आयुष के ट्विटर एकाउंट एक्स को फ़ॉलो भी किया है।
आयुष कुंडल की माताजी सरोज कुंडल ने बताया कि राम लला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर सभी उत्साहित है। इसी को लेकर आयुष को भी खुशी हुई। इसी खुशी को लेकर आयुष ने राम मंदिर की पेंटिंग पैरों से बनाई है। आयुष को गंभीर बीमारी है। जिससे वह न तो चल सकता है और न ही बोल सकता है। इस पेंटिंग को बनाते समय आयुष बेहद उत्साहित नजर आया। उसने भगवान राम की इस पेंटिंग को बनाते समय और कोई भी पेंटिंग नहीं बनाई।