चित्तौड़गढ़। वर्ष 1988 में सेंती चितौड़गढ़ में मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से शुरू हुआ पॉलीटेक्निक महाविद्यालय आज इंजीनियर्स के मामले में उत्कृष्टता स्थापित किए हुए है, जहां से पढ़ कर निकले इंजीनियर आज शापूरजी पालोंजी, एल एंड टी, हिंदुस्तान जिंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, बिरला सीमेंट, रेलवे, आरएसईबी, यातायात विभाग सहित कई बड़ी कंपनियों में कार्यरत हैं।
महाविद्यालय से उत्तीर्ण छात्र आज भारत में चिनाब नदी पर बन रहे सबसे ऊंचे पुल में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे है।
महाविद्यालय में 1994 में सीमेंट टेक्नोलॉजी ब्रांच शुरू हुई जिससे उत्तीर्ण छात्र सीमेंट प्लांट सहित विभिन्न संस्थानों में महाप्रबंधक जैसे पदभार संभाल रहे है।
वर्ष 2013 में पूर्व छात्रों को एक जगह फिर से इकट्ठा करने के लिए एलुमनी सोसाइटी की स्थापना की गई और इसी वर्ष पूर्व छात्र मिलन समारोह एलुमनी मीट के नाम से शुरू हुआ जिसमें देश विदेश से विभिन्न छात्रों ने भाग लिया।
2018 में महाविद्यालय के पूर्व छात्रों ने भामाशाह के रूप में महाविद्यालय में ऑडियो विजुअल लैब का निर्माण करवाया, इस निर्माण के भामाशाहों का सम्मान इसी वर्ष आयोजित एलुमनी मीट में किया गया।
2019 में सोसाइटी सदस्यों के प्रयासों से एलुमनी सोसाइटी को सहकारी रजिस्टर्ड संस्थान का दर्जा मिला।
सोसाइटी में अध्यक्ष कोषाध्यक्ष, सचिव सहित कोर सदस्यों की टीम बनी हुई है जो प्रतिवर्ष प्रतिभावान एवं जरूरतमंद छात्रों को स्कॉलरशिप प्रदान करती है। सोसाइटी प्रतिवर्ष पूर्व छात्र सम्मेलन करवाती है, जिसमें देश विदेश से अनेक पूर्व छात्र अपने परिवार सहित सम्मिलित होते है।
एलुमनी सोसाइटी भविष्य में महाविद्यालय के सभी वर्तमान एवं पूर्व छात्रों के लिए हेल्प डेस्क का निर्माण कर रही है, साथ ही एंटरप्रेन्योरशिप को प्रोत्साहन देने के लिए बिजनेस विंग एवं सीमेंट क्षेत्र के पूर्व छात्रों के लिए सीमेंट विंग की स्थापना की जाएगी।