चित्तौड़गढ़। श्री जैन दिवाकर संगठन समिति चित्तौड़गढ़ की एक दिवसीय गुरु दर्शन यात्रा रविवार को कोटा पहुंची जहां 50 से अधिक दिवाकर धर्मप्रेमियों ने जगत वल्लभ जैन दिवाकर गुरुदेव चौथमल जी म सा की समाधि स्थल पर नवकार मंत्र की स्तुति कर उनका स्मरण किया। वल्लभबाड़ी स्थित जैन दिवाकर दरबार में विराजित साध्वी श्यामा श्री और साध्वी सुदर्शना जी म सा के दर्शन वंदन कर प्रवचन का लाभ लिया। श्री जैन दिवाकर संगठन समिति के मंत्री सुधीर जैन ने विज्ञप्ति में बताया कि साध्वी श्यामा श्री ने दिवाकर चालीसा का पाठ किया और कहा कि आज सिद्धार्थ मुनि जी म सा का 32वां दीक्षा दिवस चित्तौड़गढ़ के दिवाकर भक्तों के साथ मनाने का मंगल अवसर मिला है। साध्वी सुदर्शना जी ने अपने प्रवचन का विषय गुरु और अच्छा दिखना जरूरी है या अच्छा बनना विषयों पर दिया। नर से नारायण बनाने का काम गुरु ही कर सकता है गूगल नहीं।
कोटा श्रीसंघ की ओर से श्री जैन दिवाकर संगठन समिति चित्तौड़गढ़ के अध्यक्ष राजेश सेठिया और मंत्री सुधीर जैन का माल्यार्पण कर शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन किया गया। समिति अध्यक्ष राजेश सेठिया और मंत्री सुधीर जैन ने कोटा श्री संघ और सभी का आभार व्यक्त किया। समिति कार्यकारिणी सदस्य अजीत नाहर ने विचार व्यक्त किए और श्री जैन दिवाकर महिला परिषद अध्यक्ष अंगुरबाला भड़कत्या और पदमा पगारिया ने गीत की प्रस्तुति दी। दोपहर में सभी ने कोटा के प्रसिद्ध सेवन वंडर का भ्रमण किया और सांय रिवर फ्रंट का भ्रमण कर चित्तौड़गढ़ पहुंचे।
गुरु दर्शन यात्रा में समिति कोषाध्यक्ष अनिल पटवारी, बलवंत शिशोदिया, मनोहर लाल मेहता, सोहन देवी चिप्पड़, हरकलाल जैन, विमला सेठिया, ललिता चिप्पड़, शुभम तरावत, अशोक बोहरा, सुरेश लोढ़ा, बसंतीलाल मोदी, मुकेश छाजेड़, विजय मालू, सुंदर मेहता, विनय मारू, सुरेंद्र भड़कत्या, ऋषभ भड़कत्या, गोटू लाल नाहर, मनोहरलाल मेहता, तरुण छाजेड़, मेहुल जैन, देवीसिंह धाकड़, सुनीता सिप्पाणी, सिद्धता भड़कत्या, निशा जैन, मधु सेठिया, कंचन देवी सिंघवी, अनिता श्रीश्रीमाल आदि सम्मिलित रहे।