चीताखेड़ा। आंवरी माता जी मन्दिर परिसर में नर सेवा नारायण सेवा एवं पक्षी दाना समिति के तत्वावधान में नवनिर्मित पक्षी रात्रि विश्राम हेतु टावर का रविवार को पांच श्रीमद् भागवत कथा मर्मज्ञ पंडितों के करकमलों द्वारा लोकार्पण सम्पन्न हुआ।
विगत 4 माह पूर्व आवरी माता जी मन्दिर परिसर में पक्षी रात्रि विश्राम हेतु नर सेवा नारायण सेवा एवं पक्षी दाना समिति ने टावर निर्माण हेतु संकल्प लिया था। उन्हीं के संकल्प और सानिध्य में पक्षी रात्रि विश्राम टावर निर्माण कार्य का बीड़ा उठाया जो पूरा हो गया है।पूरा हो जाने पर खुशी सेलोकार्पण समारोह के अवसर पर नर सेवा नारायण सेवा समिति के वरिष्ठ मथुरा लाल पाटीदार जीरन के पास अपने पेत्रीक निवास स्थान सकरानी गांव से खुश होकर अपने परिवारजनों के साथ पैदल यात्रा करके आए हैं।
पूरे उज्जैन संभाग में यह दूसरा पक्षी रात्रि विश्राम टावर है जो जीरन तहसील का एक मात्र चीताखेड़ा गांव के आवरी माता जी मन्दिर परिसर में बनकर तैयार हो चुका है। जहां 160 सदस्यों की नर सेवा नारायण सेवा एवं पक्षी दाना समिति है जिन्होंने दलगत राजनीतिक दल से ऊपर उठकर बीना कोई लोभ लालच के आर्थिक सहयोग से 12 लाख रुपए की राशि आपस में एकत्रित कर पक्षियों की ओलावृष्टि , बारिश शीतलहर एवं लूं के थपेड़ो से जान मान की रक्षा एवं भूखें को भोजन, पानी के अलावा रात्रि विश्राम हेतु टावर निर्माण कार्य कर जीवों रक्षार्थ हेतु परमार्थी कदम उठाए हुए हैं। नीमच जिले के जीरन तहसील के चीताखेड़ा गांव से लगा तीर्थ स्थल आरोग्य देवी महामाया आवरी माता जी मन्दिर परिसर में 12 लाख रुपए की लागत से 8 मंजिला 72 फिट ऊंचा टावर (कालोनी) घर का निर्माण कार्य पूर्ण किया है। जिसका लोकार्पण श्रीमद् भागवत कथाकार मर्मज्ञ पंडित दशरथ शर्मा, पंडित गोरी शंकर शर्मा, पंडित निरंजन शर्मा, पंडित घनश्याम व्यास, पंडित मनिष नागर पांचों पंडितों के कर कमलों द्वारा रविवार को सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में फीता काटकर लोकार्पण किया गया। इसी के साथ भेरुलाल सोनी द्वारा अपनी ओर से दान किए गए शेर के जोड़े की प्रतिमा का आवरी माता जी मन्दिर में किए गए विराजमान का विधि-विधान पूर्वक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनावरण हटाकर लोकार्पण किया गया। पक्षी टावर में एक साथ तीन हजार पक्षी रात्रि विश्राम कर सकेंगे। इस मौके पर कथा मर्मज्ञ पंडित दशरथ शर्मा ने धर्म पंडाल में उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं को अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा है कि 84 लाख योनियों में जन्म लेने के बाद एक मात्र मनुष्य ही ऐसा जीव है जो मरने के बाद फिर से मनुष्य योनि में जन्म लेता है।डर तो जानवर को भी लगता है प्रजनन करते और निंद्रा तो जानवर भी लेते हैं पेट तो जानवर भी भरते हैं परन्तु मनुष्य राष्ट्र निर्माण और धर्म व दान कर्म करने की प्रवृत्ति सिर्फ मनुष्य में ही है।
इसी तरह पंडित निरंजन शर्मा गादोला वाले ने कहा है कि दान नहीं करने से मनुष्य दरिद्र और दान करने से धनवान बनता है। घनश्याम व्यास ने अपने विचार व्यक्त ने धर्म पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं से कहा कि मनुष्य गुरु और शास्त्र को सभी मानते हैं परन्तु उनकी कही गई बात कोई नहीं मानता है। कथा मर्मज्ञ पंडित विक्रम शर्मा, नरेंद्र शर्मा, निरंजन शर्मा,मनिष नागर, घनश्याम व्यास, भेरुलाल सोनी,मनिष तिवारी ने भी पक्षी रात्रि विश्राम टावर लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल सभी श्रद्धालुओं को अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के प्रारंभ में धर्म मंच पर उपस्थित पंडितों को नर सेवा नारायण सेवा एवं पक्षी दाना समिति के वरिष्ठ जनों द्वारा शाल श्रीफल एवं माता जी की तस्वीर भेंटकर सम्मानित किया गया। दिनेश गुर्जर ने साल भर का नर सेवा नारायण सेवा एवं पक्षी दाना समिति के आय व्यय का ब्योरा दिया गया। कार्यक्रम का संचालन नर सेवा नारायण सेवा एवं पक्षी दाना समिति के वरिष्ठ भगवान सिंह राणावत और अंत में कमलेश भदेरिया द्वारा आभार प्रकट किया गया।