इंदौर। विजयनगर स्थित श्री ग्वाल भैरव कालका माता मंदिर में चौत्र नवरात्रि महोत्सव 9 अप्रैल से मनाया जा रहा है। इस दौरान प्रतिदिन कालका माता का दिव्य अलौकिक शृंगार किया जाएगा। दुर्गा सप्तशती का पाठ होगा। प्रतिदिन पूजा-अर्चना और सुबह 7 बजे से शतचंडी महायज्ञ होगा। इसमें श्रद्धालुओं द्वारा आहुतियां दी जाएंगी। महाआरती होगी जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल होंगे।
कालका धाम के मुख्य पुजारी राहुल यादव ने बताया प्रथम दिन महिलाओं ने गरबे करके मातारानी की आराधना की। इसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। नौ दिनी महोत्सव में प्रतिदिन महामाई के दिव्य अलौकिक श्रृंगार दर्शन होंगे। 16 अप्रैल अष्टमी के दिन मां कालका का ऐतिहासिक श्रृंगार किया जाएगा। हर रोज भजन गायक द्वारा महामाई की संगीतमय आराधना और भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। प्रतिदिन सुबह 7 बजे से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शतचंडी महायज्ञ किया जाएगा। महाआरती के बाद महाप्रसादी का वितरण होगा। इसी के साथ 18 अप्रैल को रात 8 बजे भंडारे का आयोजन किया जाएगा। जिसमें भक्तों को मालवा का प्रसिद्ध दाल बाटी चूरमा परोसा जाएगा। यह धार्मिक आयोजन पूज्य गुरुदेव योगी पीर रामनाथ महाराज (भरतरी गुफा, उज्जैन) के सान्निध्य में किया जा रहा है।