भोपाल। मां हरसिद्धि दरबार संत हिरदाराम नगर में चल रही भागवत कथा के दूसरे दिन कथा वाचक श्रीमहंत भक्ति प्रिया ने कहा कि शिव, राम, हनुमंत या भागवत कथा सुनने अकेले न जाएं, अपने बच्चों को साथ लेकर जाएं, वह कथा में बैठेगा, तो प्रवचन सुनेगा और उन्हें ग्रहण भी करेगा। इससे संस्कारी बनेगा, अध्यात्म में रुचि लेगा। आप बच्चों में जैसा बीज बोएंगे, वो वैसा फलेगा। आपका फल आपको और आपके बच्चे का फल उसे मिलेगा।
भक्ति प्रिया ने कहा कि बच्चों को संतों के संग जोड़ें, बच्चा संत बनेगा, संतों का संग मिलेगा तो संतों के रंग में रंग जाएगा। मान, सम्मान, प्रतिष्ठा, प्रसिद्धि मिलेगी। अगर आप शिव मंदिर में जल चढ़ाने जा रहे हो, तो बच्चों को भी साथ ले जाएं, बच्चों से भी शिवलिंग पर एक लोटा जल चढ़वाएं और शिवजी को जल अर्पित करवाएं, इससे बच्चा बुद्धिमान बनेगा। उन्होंने कहा कि बजरंग सेना समिति हमेशा समाज एवं धर्म के हित में कार्य करती रहे। बजरंग सेना समिति के पदाधिकारियों ने कथावाचक श्रीमहंत भक्ति प्रिया को अयोध्या के प्रभु श्री रामजी की प्रतिमा भेंट की।
भागवत कथा की शुरुआत माता रोशनी नेनवानी, अंकित नेनवानी, राजू टिललवानी, हरीश वासवानी, मनीषा सुदानी, महेश खटवानी, हीरानंद टहलरामानी, मोहनलाल मनवानी ने की। इस अवसर पर स्वामी कृष्ण प्रेम, साध्वी मंजरी, साध्वी हरी प्रिया, साध्वी श्री प्रिया, साध्वी आकाश गंगा ने भागवत कथा वाचन में अपना सहयोग दिया। कथा श्रवण करने वालों में बजरंग सेना समिति के मुख्य सलाहकार रुप कुमार सोनी, अध्यक्ष कमलेश देवानी, सलाहाकार प्रभु मूलचंदानी, उपाध्यक्ष राज बिजोरिया, सचिव राजकुमार धानुक, चंद्रा, जया, गीता, नीता, रानी, मनीष आसुदानी, किशोरी प्रिया, चेतना, दीपिका, मोनिका, अजय, हिमांशी, आशु आदि शामिल थे।