नीमच। मध्यप्रदेश के 3 तीर्थ यात्रियों का 10 से 14 मई के बीच यमुनोत्री में निधन हुआ है। इनमें सागर के पुजारी रामगोपाल रावत, नीमच की संपत्ति बाई धाकड़ और इंदौर के रामप्रसाद रावत शामिल हैं।
रावत की रास्ते में अचानक तबीयत बिगड़ी थी। पत्नी और चचेरे भाई उन्हें अस्पताल ले जा पाते, इससे पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। संपत्ति बाई अस्पताल तक तो पहुंचीं लेकिन उन्हें भी बचाया नहीं जा सका।
संपत्ति बाई धाकड़ नीमच जिले के डाबला कला गांव की रहने वाली थीं। यह गांव सिंगोली तहसील में आता है। संपत्ति बाई 6 मई को गांव की 10 अन्य महिलाओं के साथ बस से चार धाम की यात्रा के लिए रवाना हुई थी। यात्रा में पैदल चलते समय 10 मई को उनकी तबीयत बिगड़ गई। सहयात्री और बस का स्टाफ उन्हें अस्पताल ले गया लेकिन बचाया नहीं जा सका।
बताया जा रहा है कि संपत्ति बाई को यात्रा के दौरान चलते समय सीने में दर्द हुआ। उन्हें ऑक्सीजन की भी कमी महसूस हो रही थी। निधन की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। संपत्ति के शव को परिजन 12 मई को यमुनोत्री से डाबला कला लेकर पहुंचे। जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।
संपत्ति बाई के बेटे जमनालाल ने बताया कि उनके एक रिश्तेदार मां के शव को लेकर 11 मई की रात में यमुनोत्री से रवाना हुए, तब उन्होंने ही मां का देहांत होने की जानकारी दी थी।
चार धाम की यात्रा के दौरान जान गंवा चुके तीर्थ यात्रियों के परिजन को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि दी गई है। मध्यप्रदेश सरकार ने तीर्थयात्रियों के लिए हेल्पलाइन नंबर 011 26772005, 0755 2708055, 0755 2708059 भी जारी किए हैं।