जावरा। जावरा-उज्जैन सड़क मार्ग का केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने कायाकल्प करने के निर्देश दिए हैं और निश्चित रूप से आगामी सिंहस्थ 2028 के पूर्व यह टु लेन सड़क मार्ग फोरलेन मार्ग में परिवर्तित हो जाएगा। सिंहस्थ 2016 के बाद वर्ष 2028 में सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या करीब तीन गुना बढ़ने की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए इस मार्ग को फोरलेन सड़क मार्ग निर्माण के लिए प्राथमिकता दी जा रही हैं। फोरलेन सड़क मार्ग निर्माण के बाद राजस्थान के अनेक जिले जयपुर, अजमेर, उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, इंदौर, देवास, शाजापुर एवं भोपाल के हजारों फोर व्हीलर वाहन चालक व वाहन मालिकों को आवागमन में सुविधा होगी।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जावरा से उज्जैन के बीच टू लेन सड़क मार्ग को फोर लेन सड़क मार्ग निर्माण की मंजूरी करीब एक वर्ष पूर्व दे दी थी। इस घोषणा पर मुहर लगने के बाद सर्वे का काम जोरों से शुरू हो चुका है जावरा से उज्जैन के बीच 102 किलोमीटर लंबा फोर लेन सड़क मार्ग निर्माण के पश्चात दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस फोरलेन मार्ग पर निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के लिए काफी रुचि दिखाई है क्योंकि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का गृह नगर उज्जैन ही हैं। गौरतलब है कि मुंबई एवं दिल्ली के बीच करीब 1300 किलोमीटर सड़क मार्ग का 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। मध्य प्रदेश में मालवांचल का जावरा ही ऐसा सेंट्रल पॉइंट है कि जावरा से मुंबई और जावरा से नई दिल्ली करीब 650 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आवागमन की इतनी सुविधा, जावरा पिपलोदा ताल ल एवं आलोट तहसील की करीब 10 लाख से अधिक आबादी, 24वीं बटालियन का मुख्यालय व जिला स्तर के अनेक कार्यालय होने के बावजूद करीब 26 वर्षों से जावरा राजस्व जिला घोषित नहीं हो रहा है। जबकि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा घोषित करीब 13 जिले जावरा से काफी छोटे व जिले की निर्धारित अर्हताएं पूरी नहीं कर रहे हैं।