चित्तौड़गढ़। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही पृथ्वी का तापमान बढ़ जाता हैं और भीषण गर्मी का सामना करना पड़ता हैं। सूर्य जितने दिनों तक रोहिणी नक्षत्र में रहता हैं, पृथ्वी भी उतने ही दिनों तक अत्यधिक गर्मी का अनुभव करती हैं। नौतपा तब होता हैं जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता हैं। यह हर साल आता हैं और इस दौरान 9 दिनों तक सूर्य देव उग्र रूप में रहते हैं। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही पृथ्वी का तापमान बढ़ जाता हैं और भीषण गर्मी का सामना करना पड़ता हैं। हर साल की तरह इस बार भी नौतपा आने वाला हैं, इसलिए पहले से ही गर्मी से बचाव के लिए सतर्क रहें।
श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ मृत्युञ्जय तिवारी के अनुसार सूर्य 25 मई को 3.15 बजे रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इसके बाद नौ दिन का नौतपा रहेगा। इसके साथ ही सूर्य देव 8 जून को 1.04 बजे तक रोहिणी नक्षत्र में रहेंगे। इसी दिन सूर्य देव मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे। रोहिणी नक्षत्र में सूर्यदेव के प्रवेश के साथ ही नौतपा प्रारंभ हो जाएंगे। ज्येष्ठ मास की ग्रीष्म ऋतु नौतपा को अधिक गर्मी का संकेत माना जाता हैं। नौतपा शुक्ल पक्ष में आर्द्रा नक्षत्र से 9 नक्षत्रों तक यानी 9 दिनों तक रहता हैं। यह आवश्यक नहीं हैं कि नौतपा में अधिक गर्मी हो। आर्द्रा के 9 नक्षत्रों तक जो सबसे अधिक गर्मी प्राप्त करता हैं, बाद में सूर्य उस नक्षत्र में 15 दिनों तक रहता हैं और अच्छी वर्षा होती हैं। नौतपा की शुरुआत भी रोहिणी नक्षत्र से होगी। नौतपा में तेज हवा के साथ बवंडर और बारिश की संभावना रहती है।
नौतपा में अपने चरम पर होती हैं गर्मी-
नौतपा से आशय सूर्य का नौ दिनों तक अपने सबसे अधिक ताप में होना हैं। यानि इस दौरान गर्मी अपने चरम पर होती हैं। चंद्र देव रोहिणी नक्षत्र के स्वामी हैं, जो शीतलता का कारक हैं, परंतु इस समय में ये सूर्य के प्रभाव में आ जाते हैं। जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में 15 दिनों के लिए आता हैं इन पंद्रह दिनों के पहले नौ दिन सबसे अधिक गर्मी वाले होते हैं। इन्हीं शुरुआती नौ दिनों को नौतपा के नाम से जाना जाता हैं।
इस बार शनि की वक्री चाल के कारण तपेगा नौतपा-
खगोल विज्ञान के अनुसार इस दौरान धरती पर सूर्य की किरणें सीधे लंबी पड़ती हैं। इस कारण तापमान अधिक बढ़ जाता हैं। यदि नौतपा के सभी दिन पूरे रहे, तो यह अच्छी बारिश का संकेत होता हैं। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में आने का प्रभाव ज्योतिष गणना के अनुसार शनि की वक्री चाल के चलते नौतपा खूब तपेगा। हालांकि नौतपा के आखिरी दो दिनों के भीतर आंधी तूफान व बारिश होने की संभावना रहेगी।