रतलाम। सेजावता-बंजली बायपास फोरलेन निर्माण में किसानों की जमीन पर बिना मुआवजा दिए निर्माण किया जा रहा है। सोमवार को किसानों ने रोड पर खड़े होकर प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी विभाग ने मनमर्जी से हमारी जमीन पर कब्जा कर मुर्रम डाल सड़क निर्माण कर रहा है। विरोध प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस व पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी पहुंचे।
निर्माणाधीन सेजावता-बंजली फोरलेन पर किसान नेता व जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़ के एक दर्जन से अधिक किसान एकत्र हुए। मौके पर पीड्ब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ पीके राय को बुलाया। एसडीओ के सामने किसानों ने जमकर नाराजगी जताई।
किसानों को कहना था कि जमीनों का मुआवजा दिए बगैर निर्माण कार्य 50 फीसद से अधिक हो गया है। कुछ किसानों की जमीन पर निर्माण एजेंसी ने कब्जा कर मुर्रम डाल दिया है। किसान नेता धाकड़ ने कहा कि विभाग के अधिकारियों को कहा कि भू-अर्जन की कार्रवाई बगैर आप किसी अनुमति के किसानों की जमीन पर सड़क बना सकते हैं। इस दौरान जमकर बहसबाजी भी हुई। धाकड़ ने प्रदेश सरकार और लोकनिर्माण विभाग पर किसानों की जबरदस्ती जमीन हड़पने का आरोप लगाया।
धाकड़ का कहना था कि अधिकारी कह रहे हैं कि हमने किसानों से सहमती ली है, लेकिन किसान तो यहां खड़े। किसानों की सुनवाई नहीं हो रही है। लोकनिर्माण विभाग को राजस्व विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार नपती करवाना चाहिए। अगर किसानों के हिस्से में उक्त जमीन नहीं है तो किसान इसका विरोध नहीं करेंगे और न ही मुआवजा लेंगे।
किसान मदनलाल धाकड़ ने बताया कि उनकी कृषि भूमि में करीब 15 फीट चौड़ी और 60 फीट लंबाई की भूमि पर जबरदस्ती बीती रात निर्माण एजेंसी और अधिकारियों ने कब्जा कर लिया है। पूर्व में भी अधिकारियों को कहा, लेकिन ध्यान नहीं दिया। अब कोर्ट के जरिए कार्रवाई करुंगा।
इस दौरान किसानों ने ग्रामीण एसडीएम के नाम एसडीओ राय को ज्ञापन भी सौंपा। जिसमें बताया कि लोकनिर्माण विभाग (पीडब्लूडी) सेजावता-बंजली फोरलेन निर्माण नियम विपरित करवा रहा है। सैकड़ों किसानों व व्यवसायियों की भूमि पर जबरदस्ती कब्जा कर निर्माण किया जा रहा है। नियमानुसार पूर्व में नपती के दौरान किसान और व्यवसायियों से जमीन अधीग्रहण की अनुमति ली जाती है। उसके बाद मुआवजा देने के बाद निर्माण किया जाता है। लेकिन यहां पर ऐसा कुछ नहीं किया। किसानों ने मांग रखी कि जब तक उन्हें मुआवजा नहीं दिया जाता है। तब तक निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रुकवाया जाए।
कतिपय किसान कर रहे विरोध- एसडीओ
पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ पीके राय का कहना था कि जो किसान विरोध कर रहे है उनकी कृषि भूमि फोरलेन निर्माण में नहीं आ रही है। कतिपय किसान है जो कि नाजायज तरीके से मुआवजे की मांग कर रहे है। वास्तविक रूप से जिन किसानों व अन्य की जमीन थी उनके मुआवजा पत्रक तैयार हो गए है।