झालावाड। जिले के भवानी मंडी में निजी स्टार हॉस्पिटल मैं गलत दवाइयां देने से महिला की मौत का मामला जब सामने आया तो पूरे मामले मे मेडिकल स्टोर की जांच करने के लिए औषधि नियंत्रक ने निजी स्टार अस्पताल परिसर में मौजूद मेडिकल स्टोर की जांच की तो मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट किसी और का और चला कोई और रहा था। मौके पर फार्मासिस्ट मुकेश मोबिया नहीं मिला इसकी पुष्टि औषधि नियंत्रक द्वारा की गई है और यह भी बताया गया है कि गलत दवाई देने से ही महिला की मौत हुई थी। इतनी बड़ी लापरवाही से महिला की मौत हो जाती है। इसका जिम्मेदार कौन है? आखिर गलत दवाई देने से लोटखेड़ी निवासी किरणबाला अपनी जींदगी से हाथ धो बैठती है। आखि़रकार इसका खमियाजा निर्मल कुमार को भुगतना पड़ा है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि ऐसे मामलों में जीवन रक्षक दवाई की बिक्री कैसे हो रही है। दवा बेचने के लिए सिर्फ फार्मासिस्ट की योग्यता प्राप्त व्यक्ति ही मान्य है,लेकिन मेडिकल स्टोर पर ऐसा व्यक्ति बैठा हुआ था। जिसको दवाइयों का ज्ञान तक नहीं था। फरियादी निर्मल कुमार को क्या पता था की मे मेरी पत्नी का इलाज करवाने नहीं उसकी जान जोखिम मे डालने जा रहा हु। अभी भी किरणबाला की मौत के मामले मे न्याय की झोली खाली है। अभी भी मेडिकल स्टोर धड़ड़ले से चल रहा है।